सीजेएम सचिन रघु की अदालत ने एक अहम फैसले में बिना लाइसेंस के दवाइयां बेचने के मामले में एक दुकानदार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी दुकानदार को एक वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। ड्रग इंस्पेक्टर सन्नी कौशल ने बताया कि वर्ष 2006 में टाहलीवाल स्थित गुरदत्त की दुकान पर छापामारी की गई।
छापामारी के दौरान पाया कि गुरदत्त बिना लाइसेंस दवाइयां बेच रहा था। इंस्पेक्टर ने विभागीय कार्रवाई करते हुए दुकानदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। सोमवार को सीजेएम सचिन रघु की अदालत में गुरदत्त को 18 (सी) के तहत एक वर्ष की सजा तथा पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, 18-ए के तहत एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।