अंब (ऊना)। क्या प्रदेश के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा चाक चौबंद है? क्या देश भर में आतंकवाद के खतरे के बावजूद प्रदेश पुलिस उस स्तर पर एहतियाती बंदोबस्त किए हुए है? ऐसे ही कई सवाल मुंह बाए खड़े हैं।
देवभूमि हिमाचल के उपमंडल मुख्यालय अंब में शनिवार देर रात पंजाब से आई एक कार को लूट लिए जाने ने सुरक्षा बंदोबस्तों पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। क्योंकि चालक के दावे के मुताबिक लुटेरों के पास रिवाल्वर था। उपमंडल अंब सिर्फ प्रदेश का एक सीमांत क्षेत्र ही नहीं है। यहां विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर, डेरा बाबा बड़भाग सिंह जी मैड़ी, डेरा बाबा रुद्रानंद जी अमलैहड़ और प्राचीन द्रोण शिव मंदिर भी है। जिनमें हर साल लाखों श्रद्धालु शीश नवाने आते हैं। देश में आतंकी- खतरा एक सुलगता हुआ विषय है। ऐसे में पंजाब से सटे क्षेत्र के सुरक्षा बैरियरों को हथियारबंद लोगों द्वारा ऐसे लांघ आना और मैड़ी जैसे धार्मिक स्थल के निकट लूट की वारदात को अंजाम देना एक सवाल बन गया है। हालांकि मामले में पुलिस को वाहन के हिमाचल में प्रवेश के समय सीमा से टोल टैक्स बैरियर और एक ढाबे पर रुकने की सीसीटीवी फुटेज मिली है।
इसके अलावा लूटे गए मोबाईल की लोकेशन को भी ट्रैक किया जा रहा है। परंतु सवाल यह है कि नाकों पर आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी एक रिवाल्वर से लैस व्यक्ति बारे भी पता नहीं लगा सके। अगर कोई आत्मघाती इस तरह से क्षेत्र में प्रवेश कर जाए जो परिणाम क्या हो सकते हैं।
इस बारे देश हाल ही में हाई सिक्योरिटी जोन पठानकोट में हुए हमले में देख चुका है। उधर, इस संबंध में अंब के डीएसपी जितेंद्र कुमार चौधरी से बात करने पर उन्होंने कहा कि बैरियर पर पुलिस हर तरह से खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। कार को नाके पर चैकिंग के लिए आते वक्त रोका गया था। लेकिन हथियार छोटा होने के संभवत: सुरक्षा कर्मियों की पकड़ में नहीं आया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभागीय जांच करेगी और मामले में अगर कोई कोताही बरती पाई गई तो जिम्मेदार सुरक्षा कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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