ऊना-होशियारपुर स्थित बनखंडी में जली हुई कार में शव मिलने के मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जिस व्यक्ति को पुलिस और उसके अपने परिजन मृत समझ बैठे थे। उस व्यक्ति के जिंदा होने के बाद से मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले को लेकर हरोली पुलिस ने उक्त व्यक्ति को हिरासत में लेकर बयान दर्ज कर लिए हैं। हालांकि अभी तक पता नहीं चल पाया है कि यदि आग लगने के समय चंदन कार में नहीं था तो गाड़ी में पूरी तरह जल चुका शव किसका था।
उधर, बुधवार को पुलिस को दिए बयान में आढ़ती जालंधर निवासी चंदन कुमार ने बताया कि ऊना से घर लौटते समय पंडोगा के बनखंडी में उसकी कार खराब हो गई। उसने रास्ते से गुजर रहे कई वाहन चालकों से मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं रुका। इसी दौरान एक महेंद्रा पिकअप गाड़ी आई। जिसे उसने रुकने का इशारा किया। पहले गाड़ी आगे निकल गई, फिर थोड़ी ही दूरी से वापस आ गई। चंदन ने बताया कि उस गाड़ी से तीन व्यक्ति बाहर निकले। जिन्होंने उतरते ही गाड़ी को चेक किया और उसके बाद उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे पीटना शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसे जबरन गाड़ी में बिठाया और दो लोग उसे साथ लेकर चले गए। जबकि, एक व्यक्ति चंदन की कार के पास ही रुक गया।
चंदन ने बताया कि उसे करीब चार से पांच घंटे किसी पहाड़ी सड़क पर ले जाया गया। कई दिन तक उसे सुनसान जगह पर रखा गया। मंगलवार को युवकों ने उसके साथ फिर मारपीट की ओर उसके सिर पर बीयर की खाली बोतलों से वार कर दिए। इसके बाद चंदन बेहोशी का नाटक करते हुए लेट गया। चंदन को बेहोश जानकर अपहर्ता उसे गाड़ी में डालकर किसी दूसरी जगह ले जाने लगे। लेकिन, उसने चलती गाड़ी से छलांग लगा दी और पास ही एक गाड़ियों के शोरूम में जा घुसा। जहां उसने शोरूम के सिक्योरिटी गार्ड से मोबाइल लेकर अपने परिजनों को फोन किया और सारी घटना की जानकारी दी। चंदन के सही सलामत जिंदा लौट आने पर एक नया सवाल यह भी पैदा हो गया है कि यदि आग लगने के समय चंदन गाड़ी में नहीं था तो गाड़ी में पूरी तरह जल चुका शव किसका था।
उधर, एसपी अनुपम शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलु से छानबीन कर रही है। व्यक्ति के दिए बयानों की भी जांच की जा रही है।
यह है मामला
हरोली उपमंडल के बनखंडी में 28 सितंबर की रात को जालंधर के मकसूदां का निवासी आढ़ती 31 वर्षीय चंदन कुमार ऊना में उगाही करने आया था। रात को वह ऊना से घर के लिए अपनी कार नंबर पीबी 08 बीई 6416 में ऊना से होशियारपुर की ओर जा रहा था। लेकिन, रहस्यमयी ढंग से पंडोगा स्थित बनखंडी में कार को आग लग गई। पुलिस को मौके पर पूरी तरह जल चुकी ऑल्टो कार और अस्थि पिंजर ही बरामद हो सका था। पुलिस ने अस्थि पिंजर को पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। आरंभिक जांच के दौरान पुलिस यह मान चुकी थी कि आगजनी के कारण कार का सेंटर लॉक नहीं खुल सका और चंदन की कार में ही जिंदा झुलसने से मौत हो गई होगी। लेकिन, मंगलवार को चंदन ने हिमाचल के सोलन जिला से किसी के मोबाइल से अपने घर फोन किया और अपना अपहरण होने और अपहर्ताओं के चंगुल से भागने की बात कही। इससे मामले में नया मोड़ सामने आ गया है।