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जिला में 99 फीसदी एटीएम पड़े ठप

Fri, 09 Dec 2016 10:35 PM IST
ब्यूरो अमर, उजाला, ऊना।
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एटीएम के बाहर ख्‍ाड़े लाोग।
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ऊना। नोटबंदी के एक महीना बाद भी बैंकिंग प्रणाली अभी तक पटरी पर लौट नहीं पाई है। आलम यह है कि एक तरफ जहां बैंकों में अभी तक कैश की किल्लत है, वहीं जिला भर में करीब 99 फीसदी एटीएम ठप हो गए हैं। यदि किसी एक एटीएम में एक बार कैश डाला भी गया होगा तो उसके बाद दूसरी बार वहां कोई कैश डालने नहीं आया। जबकि बैंकों में भी कैश न मिलने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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 हालांकि सरकार कैशलेस सिस्टम को अपनाने पर ज्यादा जोर दे रही है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह सिस्टम किसी भी तरीके से व्यवहारिक होता नहीं दिख रहा। जहां बुजुर्गों, अशिक्षितों और गृहणियों को कैश के बिना दवाओं, जरूरी चीजों और रसोई घर को चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। बैंकों में खाताधारकों द्वारा मोटी रकम जमा करवाने के बावजूद लोग अपने खातों से पैसे नहीं निकाल पा रहेे हैं। आलम यह है कि सैलरी डलने के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को पगार नसीब नहीं हुई है। लोगों को लेन-देन में दिक्कतें पेश आ रही हैं। कर्मचारी भी ड्यूटी जाने से पहले व खत्म होने के बाद एटीएम के बाहर चक्कर काटते देखे जा रहे हैं।

हालात और भी ज्यादा बदतर इसलिए भी हो रहे हैं कि एटीएम के बाद बैंकों में भी लोगों को अपने खाते से दो से चार हजार रुपये तक की राशि ही दी जा रही है जिससे लोगों की परेशानियां कई गुणा बढ़ गई हैं। घंटों कतारों में लगने के बाद भी कैश न मिलने से लोगों में रोष भी व्याप्त है। रकम न निकलने पर लोगों की बैंक कर्मचारियों के साथ बहस और नोक-झोंक रोजमर्रा की कहानी होती जा रही है।
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नोटबंदी के तीस दिन बाद भी जिला में पर्याप्त मात्रा में पांच सौ का नया नोट नहीं पहुंच पाया है। इसके कारण दो हजार रुपये का नोट लोगों के लिए आफत बनता जा रहा है। नोटबंदी के फैसले के बाद अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। जिले के ज्यादातर एटीएम के शटर बंद पड़े हैं। बैंकों में भी लोगों को पैसे निकलवाने के लिए माथा पच्ची करनी पड़ रही है। अगर बैंक या एटीएम से दो हजार रुपये का नोट निकल रहा है तो उसे खुला करवाना भी बड़ी समस्या बन चुका है। व्यापारी वर्ग भी मायूस बैठा है। हर तरफ मंदी का माहौल है।
स्थानीय उपभोक्ताओं में वेद प्रकाश, विकास, ओम प्रकाश, राजीव, रमन, हरदेव ने बताया कि महीने का प्रथम सप्ताह होने की वजह से सैकड़ों की तादाद में शुक्रवार को लोग सैलरी, पेंशन निकलवाने आए थे लेकिन थोड़ी देर बाद ही कैश खत्म हो गया। इससे लोगों को निराश होकर खाली हाथ घर वापस लौटना पड़ा है। उन्होंने जिला प्रशासन, बैंक प्रबंधन से मांग की है कि कैश व्यवस्था सुधारी जाए और अतिरिक्त कैश मंगवाया जाए ताकि लोगों को दिक्कतें न पेश आएं।
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