ऊना। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-2 प्रीति ठाकुर की अदालत ने हत्या के मामले में बाथड़ी निवासी विजय कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी को 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। अदालत ने दोषी से वसूल होने वाला जुर्माना मृतक के परिजनों को देने के आदेश दिए।
उप जिला न्यायवादी संजय पंडित ने बताया कि दोषी विजय कुमार ने बाथड़ी में परिवार के साथ झोंपड़ी में रह रहे प्रवासी श्रमिक पोशोन महतो को बुरी तरह पीटने के बाद उसे आग लगा दी थी। इससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि 25 मार्च, 2016 को होली के दिन बाथड़ी में पोशोन महतो मीट बना रहा था। रात करीब नौ बजे विजय कुमार वहां पहुंच और पोशोन से मीट मांगने लगा। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। इसके चलते विजय पोशोन की झोंपड़ी में घुस गया। विजय कुमार ने पहले पोशोन को डंडे से बुरी तरह पटाई कर डाली, फिर झोंपड़ी में आग लगा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोषी बाइक पर सवार होकर फरार हो गया। पोशोन को उपचार के लिए हरोली अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।
इसके चलते पुलिस ने विजय कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। उपजिला न्यायवादी संजय पंडित ने बताया कि एडीजे-2 प्रीति ठाकुर ने विजय कुमार को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 452 के तहत 3 साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 325 के तहत 5 साल कठोर कैद और 1 हजार रुपये जुर्माना, इन दोनों धाराओं में जुर्माना न देने पर दोषी को छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।