ऊना।
स्किल डेवलपमेंट स्कीम के नाम पर होशियारपुर निवासी दंपती पर लाखों की धोखाधड़ी करने मामला सामने आया है। पंजाब के होशियारपुर निवासी गुरदेव व उसकी पत्नी की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो गई है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम को पंजाब में रवाना कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो आरोपियों के गिरफ्त में आने के बाद ठगी की गुत्थियां सुलझने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक ऊना में कंप्यूटर सेंटर चलाने वाले संतोषगढ़ निवासी मुनीष कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी गुरदेव व उसकी पत्नी ने उससे संपर्क कर उन्हें सरकार की स्किल डेवलपमेंट के तहत कोर्सेज मिलने की बात कही। इसके लिए उन्हें छात्रों की एडमिशन को कहा। दंपती ने कहा कि प्रत्येक छात्र से एडमिशन का एक हजार रुपये लेना है जबकि स्किल डेवलपमेंट के तहत उनका कोर्स पूरा होने पर सरकार से उनके खातों में तीन-तीन हजार रुपये जमा करवाए जाएंगे। मुनीष कुमार ने कहा कि दंपती के कहने पर उन्होंने करीब साढ़े 1300 बच्चों की एडमिशन कर ली।
गुरदेव जाली दस्तावेज बनाकर बच्चों की परीक्षा संचालित कर गया। इसमें जाली सरकारी प्रश्न पत्र और जाली आंसरशीट उसी ने बनाई। उसके बाद न तो किसी बच्चे के खाते में कोई पैसा आया और न ही गुरदेव ने ऊना का रुख किया। बच्चों के एडमिशन का साढ़े 13 लाख लेकर गुरदेव और उसकी पत्नी चंपत हो गए। इसके बाद मुनीष ने उनसे संपर्क करने की कोशिश तो वह पैसे देने से साफ मुकर गए। मुनीष ने मामले की शिकायत पुलिस को सौंपी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां से पुलिस को मामले में कार्रवाई के निर्देश मिले।
केस दर्ज होने के बाद गुरदेव और उसकी पत्नी ने शिमला हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी जो वीरवार को खारिज हो गई। ऊना के एडिशनल एसपी अमित शर्मा ने बताया कि ठगी के आरोपी दंपती की जमानत याचिका खारिज हो गई है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।