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बादल को सोते हुए निगल गई झुग्गी की आग

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अमन वर्मा
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ऊना। झुग्गियों की आग ने एक और मासूम को मौत की नींद सुला दिया है। प्रारब्ध का खेल ऐसा था कि मासूम बादल को झुग्गी की आग सोते-सोते ही सुला गई। इससे पहले बाथड़ी में भी चार वर्षीय बच्ची झुग्गियों की आग में जिंदा जल गई थी। अब पंडोगा में भी एक घर का चिराग बुझ गया।

एक सप्ताह के भीतर ही हरोली विधानसभा क्षेत्र में दिल दहला देने वाली दूसरी घटना से क्षेत्र में मातम छा गया है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर आग लगने के कारणों की तलाश की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि झुग्गियों के भीतर चूल्हों में दबी आग इस तांडव का कारण बन रही है। मलाहत में भी सोमवार को इसी वजह से आठ झुग्गियां जलकर राख हो गईं। इससे दर्जनों प्रवासी मजदूर बेघर हो गए। आग लगने की घटना के दौरान झुग्गियों में रहने वाले प्रवासी गेहूं काटने के काम से बाहर गए थे। इस दौरान अचानक झुग्गियों की ओर से उठी आग की लपटें देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
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अपने चारों तरफ आग और धुआं देखकर सात वर्षीय बादल को क्या मालूम था कि जिस झुगी में आराम करने के लिए सोया था, कुछ देर में वह भी झुग्गी में जलकर राख हो जाएगी। आग लगने से हादसे का मंजर इतना भयानक था कि किसी को मासूम की चीखें भी नहीं सुनाई दी। फूल जैसे बेटे का आग में जिंदा जलने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। आग से झुग्गियां जलने के बाद अब मजदूरों को सिर छुपाने के लिए जगह नहीं है।
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