अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले के एक सरकारी स्कूल में हुई शर्मनाक घटना की पीड़िता करीब ढाई किलो मीटर सुनसान जंगल से होकर स्कूल पहुंचती थी। इसके अलावा कई गांवों के विद्यार्थी सुनसान जंगल से ही स्कूल पहुंचते हैं। विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए काफी खतरा उठाना पड़ रहा है।
स्कूल में तीन गांव से छात्र-छात्राएं करीब दो से ढाई किलोमीटर का सफर तय कर स्कूल पहुंचते हैं। हालांकि स्कूल नेशनल हाइवे के किनारे स्थित है। स्कूल के पास 10 से 12 दुकानों का बाजार भी है। लेकिन एक तरफ जंगल है। इससे विद्यार्थियों को जंगल से पैदल स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
कार्यकारी शिक्षा उपनिदेशक कमलेश कुमारी ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए क्षेत्र में कई स्कूल खोले गए हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए और स्कूल खोलना मुमकिन नहीं है।