ऊना। निकटवर्ती घालूवाल गांव में आग से 100 परिवारों के अशियाने जलाकर राख हो गए। सुबह 11 बजे के करीब झुग्गियों में लगी आग से प्रवासी परिवारों का अंदर रखा सारा सामान राख हो गया।
झुग्गियों में आग के तांडव से लोगों में हड़कंप मच गया। अग्निकांड से 10 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। गौरतलब है कि जिले में कई जगहों पर स्वां के किनारे प्रवासी लोगों ने झुग्गियां बनाई है। गर्मी के मौसम में आए दिन झुग्गियों में आग लगने से की घटनाएं हो रही हैं। लेबर और सब्जी का काम करने आए बाहरी राज्यों के लोग झुग्गियों बना कर रहे हैं। जिले में इस तरह कितने परिवार रह रहे हैं, प्रशासन के पास भी इसकी कोई जानकारी नहीं हैं। जिला में करीब एक दर्जन जगहों पर आग की घटना में अब तक मकान, पशुशालाएं और झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं। एक मई को उपतहसील जोल के चोली में स्लेटपोश घर जलकर राख हो गया।
छह मई को पंडोगा में 12 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। इसमें एक मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई। इसके अलावा मलाहत में भी छह मई को 14 झुग्गियां जल गईं। गगरेट के ओयल में आठ मई को खेतों में आग से 12 कनाल गेहूं की फसल तबाह हो गई। 15 मई बंगाणा के चुरड़ी में पेश आई घटना में पशुशाला जलकर राख हो गई। इसमें चार मवेशी बुरी तरह झुलस गए और तीन की मौत हो गई। आग की घटना में पीड़ित को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
इसके अलावा 23 मई को गगरेट में भीषण अग्निकांड में लकड़ी का उद्योग राख हो गया। इससे लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। 28 मई लालसिंगी में झुग्गियों के साथ स्कूटी जल गई। अग्निकांड में लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान का नुकसान हुआ। चार जून को पुराना होशियारपुर रोड पर पेश आई आग की घटना में एक दर्जन झुग्गियां जल गईं। अग्निकांड में पीड़ित प्रवासियों को पांच लाख की नुकसान हुआ था। सात जून को जोल के पलाटा पंचायत में भीषण आग में पशुशाला में आग लगने से आठ मवेशियों की जलकर मौत हो गई।
बसाल में पशुशला में आग से डेढ़ लाख का नुकसान हुआ था। एसडीएम हरोली गौरव चौधरी का कहना है कि घालूवाल में आग लगने से 100 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। उन्होंने कहा कि आग लगने से पीड़ित परिवारों को करीब 10 लाख के नुकसान का अनुमान है।