अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। कोर्ट के आदेशों पर तहसीलदार ऊना ने शनिवार को एचआरटीसी की लीज दी हुई तीन दुकानें खाली करवा दीं। बताया जा रहा है कि नवनिर्माणाधीन बस स्टैंड पर स्थित तीन दुकानें बस स्टैंड के निर्माण को पूरा करने में बाधा बनी रही थी।
कोर्ट ने कब्जाधारक दुकानदारों को दुकानें खाली करने के आदेश दिए थे। इस पर तहसीलदार ऊना ने कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच दुकानें खाली करवाकर एचआरटीसी को दुकानों का कब्जा दिलाया। सूत्र बताते हैं कि दुकानदारों पर पिछले करीब आठ से दस साल के लाखों रुपये के किराए की देनदारी थी। डिवीजनल कमिश्नर धर्मशाला के आदेशों पर शनिवार को तहसीलदार ऊना नारायण चौहान, नायब तहसीलदार अपूर्व शर्मा, फील्ड कानूनगो अशोक शर्मा तथा पटवारी ऊना राजेश शर्मा ने क्षेत्रीय प्रबंधक हिमाचल पथ परिवहन निगम ऊना जगन्नाथ को कोर्ट के आदेशों पर दुकानों के ताले तोड़ कर तीनों दुकानों को सुपुर्दगारी देते हुए अपने ताले लगाने के लिए कहा।
लंबे समय से यह दुकानें नव निर्माणधीन बस स्टैंड के कार्य को पूरा करने के लिए बाधा बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि दुकानदारों ने लंबे समय से दुकानों का किराया भी नहीं दिया है। इसके चलते एचआरटीसी ने तीन दुकानदारों पर दुकानें खाली न करने का मामला कोर्ट में रखा। अदालत ने तीनों दुकानदारों को डिफाल्टर होने पर दुकानें खाली करने के आदेश दिए। इसके तहत तहसीलदार ऊना ने टीम के साथ दुकानों का कब्जा एचआरटीसी को सौंप दिया। आरएम जगन्न नाथ का कहना है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम का अब दुकानों पर कब्जा हो गया है। शनिवार शाम प्रशासन ने उक्त कब्जे गिरा दिए।