अमर उजाला ब्यूरो
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में इन दिनों लोगों की मलकीयत भूमि से ठेकेदारों द्वारा खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं। उसकी आड़ में कुछ तो मलकीयत जमीन के साथ लगती सरकारी भूमि और सरकारी जमीन और सरकारी चराद से वन काटू खैरों को अवैध तरीके से काट रहे हैं।
खैर के पेड़ों को जड़ों से ही उखाड़ कर उस स्थान पर झाड़ियां फेंकीं जा रही हैं ताकि अवैध कटान का पता न चल सके। ठेकेदार में खैर की लकड़ी को बेच कर लाखों की कमाई कर सरकार को चूना लगा रहे हैं। हालांकि विभाग ने इस मामले में एक वन रक्षक को निलंबित कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
इस धंधे का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्र के लोगों ने विभाग को जानकारी दी। वन विभाग ने हरकत में आते हुए मंडल स्तर पर गठित की टीम ने खैर के अवैध कटान के क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान बंगाणा और कनूडा की बीटों से अधिकांश पाए अवैध कटान के मामले पर कार्रवाई करते हुए ड्यूटी का सही निर्वहन न करने पर फॉंरेस्ट गार्ड ठाकुर दास को निलंबित कर दिया है। जिन बीटों में अवैध कटान पाया गया यह बीटें इनके अधीन थीं।
6700 पेड़ काटने की अनुमति
उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत वन क्षेत्र में आजकल वन माफिया बेखौफ कहर बरपा रहा है। मलकीयत से खैर के कटान की आड़ में वन माफिया बड़ी आसानी से अपने काम को अंजाम दे रहा है। जबकि इन तीन ब्लाकों में 28 ठेकेदारों को 6700 खैरों के पेड़ों को काटने की स्वीकृति विभाग से मिली है। दस वर्षीय कटान परमिट की आड़ में ठेकेदार और उनके कारिंदे सरकारी भूमि से अवैध कटान बेधड़क कर रहे हैं।
इस संबंध में वनपरिक्षेत्र बंगाणा के अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि वनपरिक्षेत्र बंगाणा के तहत हो रहे अवैध कटान की शिकायतें मिल रहीं थीं। इस पर विभाग ने मंडल स्तर पर टीम का गठन किया। अवैध कटान के क्षेत्रों का दौरा कर निरीक्षण किया। टीम ने िनरीक्षण के दौरान वहां के लोगों से भी पूछताछ की। पुख्ता जानकारी के बाद फारेस्ट गार्ड को निलंबित किया।