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विभागीय कार्रवाई से डिफाल्टर स्कूलों में हड़कंप

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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद डिफाल्टर गैर सरकारी स्कूलों में हड़कंप मचा गया है। साथ ही इन स्कूलों की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को डिफाल्टर घोषित करने पर विद्यार्थियों के दाखिलों की संख्या पर भी प्रभाव पड़ा है।

अभिभावकों ने शिक्षा के क्षेत्र में इन स्कूलों की लापरवाही को देखते हुए और विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने पर रोष भी जताया है। साथ ही अभिभावक डिफाल्टर स्कूलों में विद्यार्थियों का दाखिला करने से अपना मन बदल रहे हैं। वे अन्य स्कूलों में बच्चों के दाखिले करवा रहे हैं।
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गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से कई दिन पहले इन निजी स्कूलों से विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस और फंडों की रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन इन निजी स्कूलों ने शिक्षा विभाग के निर्देशों को हल्के में लेते हुए उनसे मांगी गई फीस और फंड की रिपोर्ट नहीं दी। हालांकि इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने तीन से चार बार कई माध्यमों से इन स्कूलों को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। फिर भी इन स्कूलों ने सरकारी स्कूलों को नहीं माना। इसके बाद विभाग ने इन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इनको डिफाल्टर घोषित कर दिया।

खबर छपने के बाद दफ्तर पहुंचे प्रबंधक
सूत्रों के मुताबिक अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कई स्कूलों के प्रबंधक शिक्षा उपनिदेशक के कार्यालय में पहुंचे। ऐसे प्रबंधकों ने आनन-फानन में विभाग के पास संबंधित जानकारी से जुड़े दस्तावेज जमा कराए। ज्योति पब्लिक स्कूल देहलां के प्रबंधन ने दावा किया है कि उन्होंने विभाग को संबंधित दस्तावेज जमा करवा दिए हैं।
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निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं : धीमान
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने कहा कि सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने वाले किसी भी गैर सरकारी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही इन डिफाल्टर 25 गैर सरकारी स्कूलों के नाम कार्यवाही के लिए निदेशालय शिमला भेज दिए गए हैं। निर्देश आते ही इन डिफाल्टर स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
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