थानाकलां(ऊना)। उपमंडल बंगाणा की रामगढ़ धार पर जगह-जगह गहरी दरारें पड़ रही हैं। लगभग 18 किलोमीटर लंबी यह धार पलाहटा से ओलिंडा गांव तक फैली हुई है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हुआ तथा उक्त धार पर लंबी-लंबी व गहरी दरारें पड़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादातर स्थानों पर करीब एक मीटर या इससे ज्यादा चौड़ी दरारें स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। ऐसी भयावह स्थिति यहां पर रह रहे लोगों के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो सकता है। इस कारण स्थानीय लोग भय और असुरक्षा की स्थिति में जीने को मजबूर हैं। जिला परिषद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस पूरे क्षेत्र का दौरा किया है। यह केवल एक भौगोलिक समस्या नहीं है बल्कि यहां बसे ग्रामीणों के जीवन और संपत्ति से जुड़ा गंभीर खतरा है। वहीं उक्त धार का एक कोना भाखड़ा डैम के साथ लगता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि तुरंत विशेषज्ञ टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए। ग्राम पंचायत पलाहटा, थहडा, बोहरू, दोबड, प्रोइया, रायपुर मैदान, चुरड़ी,थाना कलां, टिहरा, मंदली, छपरोह कलां, डीहर, बल्ह व धनेत में लोगों का भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। कुड, परोइंयां ,प्लाहटा और थहड़ा पंचायत के विभिन्न गांवों में अब तक करीब 210 मकान प्रभावित हो चुके हैं। कुछ घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं जबकि कई परिवारों को अपने मकानों से अस्थायी रूप से बाहर रहना पड़ रहा है। पशुशालाएं भी 80 के करीब गिरी हैं।