बिल भरने की पेशकश के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बंद कर दी लाइटें
प्रधानाचार्य बोले, बिजली की बचत के लिए उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा(ऊना)। रावमापा हटली स्कूल का खेल मैदान इस समय विवादों में है। प्रधानाचार्य की ओर से खेल मैदान की लाइट बंद करने के फैसले से स्थानीय लोग, पूर्व छात्र और खेल प्रेमी नाराज हैं। हालांकि, पंचायत प्रधान स्वर्ण सिंह ने प्रधानाचार्य को आश्वासन दिया था कि वह लाइट के बिल का भुगतान करने को तैयार हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने लाइटें बंद कर दीं। बता दें कि हटली स्कूल का इतिहास गौरवशाली रहा है, खासकर खेलों के क्षेत्र में। इस स्कूल ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। राज्य सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें खेलों की ओर आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। खेल सुविधाओं में सुधार के लिए करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में हटली स्कूल का यह फैसला समझ से परे है। प्रधान स्वर्ण सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रधानाचार्य को आश्वासन दिया था कि लाइट का बिल भरने की जिम्मेदारी वे खुद उठाने को तैयार हैं। फिर भी प्रबंधन ने लाइटें बंद करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने शिक्षा विभाग से भी आग्रह किया है कि इस फैसले की समीक्षा की जाए और खेल मैदान की लाइटें जल्द से जल्द चालू करवाई जाएं। कई युवा खिलाड़ी जो शाम के समय अभ्यास करते थे, अब इस सुविधा से वंचित हो गए हैं। दूसरी तरफ प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हटली स्कूल के खेल मैदान में खिलाड़ी शाम के बाद घर चले जाते हैं लेकिन अनावश्यक खेल मैदान में बिजली की खपत होती रहती है। बिजली की बचत के लिए हमने यह कदम उठाया है।