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मंदिरों को आमदनी का साधन बना रही कांग्रेस सरकार : बलबीर

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कहा- रोप-वे से चिंतपूर्णी के दुकानदारों का रोजगार होगा समाप्त
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संवाद न्यूज एजेंसी

चिंतपूर्णी (ऊना)। पूर्व विधायक बलबीर चौधरी ने चिंतपूर्णी में वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार विकास कार्य करवाने में पूरी तरह असफल रही है। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-मोटे कार्यों के लिए प्रदेश सरकार पैसा उपलब्ध करवाने में भी नाकाम रही है। प्रदेश के मंदिरों में श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के बजाय आमदनी का साधन कांग्रेस सरकार बना रही है। चिंतपूर्णी में यहां के स्थानीय दुकानदारों के रोजगार को समाप्त कर रोप-वे लगाया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे बड़ी आश्चर्य की बात तो है कि स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद यहां के कांग्रेस विधायक अब तक एक शब्द तक नहीं बोल सके। रोप-वे के बारे में बोलने से मुंह फेर रहे हैं। यहां के करीब 1000 दुकानदार रोपवे को लेकर अपना विरोध भी दर्ज कर चुके हैं लेकिन सरकार के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही। आखिर चिंतपूर्णी में रोपवे की आवश्यकता ही क्या है। मंदिर के वापसी गेट तक छोटे वाहन पहुंच जाते हैं। चिंतपूर्णी मंदिर इतनी ऊंचाई पर भी नहीं है। जहां पर श्रद्धालुओं के लिए रोपवे लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले 1100 रुपये में पांच श्रद्धालु दर्शन करने के लिए लिफ्ट के माध्यम से भेजे जाते थे। अब चुनिंदा दिनों में 500 रुपये प्रति व्यक्ति दर्शन करने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है। चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए विस्तारीकरण का कार्य लंबे समय से चल रहा है। इस ओर ध्यान न देकर रोपवे पर सरकार का ध्यान ज्यादा केंद्रित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले चिंतपूर्णी में विस्तारीकरण के लिए 25 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। यही पीड़ा हिमाचल प्रदेश सरकार को सहन नहीं हो रही। इसलिए पहले रोपवे की ओर ध्यान दिया जा रहा है।
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