ऊना। महिलाओं के बाद अब शिशुओं की पर्ची बनाने के लिए मरीजों व तीमारदारों को मातृ-शिशु अस्पताल में ही पर्ची कटवाने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को क्षेत्रीय अस्पताल में चल चल रहे पर्ची काउंटर पर पर्ची लेने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इस सुविधा को शुरू करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कवायद तेज कर दी है। वर्तमान में मातृ-शिशु अस्पताल भवन गायनी ओपीडी से संबंधित पर्ची कटवाने की सुविधा शुरू कर दी गई है। उक्त भवन में सेंट्रल एसी का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद अब भवन में सीलिंग का काम भी इस सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा। इसी के साथ शिशु रोग ओपीडी तैयार करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान तीन शिशु रोग ओपीडी इस भवन में तैयार होंगी। इससे अभिभावकों को क्षेत्रीय अस्पताल में पर्ची बनाने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन माह का लक्ष्य रखा गया है, ताकि शिशु रोग ओपीडी को सुचारू रूप से मातृ-शिशु अस्पताल में ही शुरू किया जा सके। वर्तमान में शिशु रोग ओपीडी क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही संचालित हो रही है।
इस दौरान पर्ची लेने केे लिए अभिभावकों को कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन को पर्ची काउंटर पर भी व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए पहले मातृ-शिशु अस्पताल में गायनी से संबंधित मरीजों के लिए अलग से पर्ची काउंटर स्थापित किया गया। इसके साथ ही आगामी समय में उक्त भवन में शिशु रोग ओपीडी शिफ्ट होने साथ ही इस ओपीडी से संबंधित पर्चियां भी मातृशिशु अस्पताल में ही बन जाएंगी।
कोट्स
उपायुक्त ऊना के निर्देशों के बाद मातृ-शिशु अस्पताल में लंबित कार्य तेज गति से चल रहा है। भवन में सेंट्रल ऐसी का काम पूरा हो चुका है। इसी भवन में शिशु रोग ओपीडी भी शिफ्ट की जाएगी। इसे लेकर कवायद तेज हो गई है। साथ ही शिशु रोग ओपीडी से संबंधित पर्ची भी इसी भवन में बनना शुरू हो जाएगी।
डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना