घनारी में मिले ज़िंदा कारतूसों को दिखाते स्थानीय प्रधान तथा अन्य।
क्षेत्र में सनसनी, पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच की तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। वीरवार दोपहर को घनारी के स्वां नदी के किनारे खेलते समय प्रवासी मजदूरों के बच्चों को चार कारतूस (रौंद) मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। यह घटना उस समय की है, जब मजदूरों के कुछ बच्चे नदी के किनारे रेत में खेल रहे थे।
खेलते-खेलते उन्हें नदी के किनारे रेत में दबे हुए कारतूस दिखाई दिए। बच्चों ने यह जानकारी अपने परिजनों को दी, जिन्होंने तुरंत प्रधान ग्राम पंचायत घनारी को सूचित किया। प्रधान सरदार विचित्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर कारतूसों को अपने कब्जे में ले लिया और तुरंत इसकी सूचना गगरेट पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने भी मौके पर जाकर कारतूसों को अपने कब्जे में ले लिया। कारतूसों को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने क्षेत्र में छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कारतूस वहां कैसे पहुंचे और किस उद्देश्य से रखे गए थे।
पुलिस अधीक्षक ऊना राकेश सिंह ने बताया कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाएगी, ताकि इस घटना से जुड़े किसी भी संभावित खतरे का पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। क्षेत्र में लाइसेंसशुदा हथियार रखने वाले एक व्यक्ति का कहना है कि उक्त कारतूस किसी छोटे हथियार जैसे कि रिवाल्वर, पिस्टल या फिर देसी कट्टे के प्रतीत होते हैं। ग्राम पंचायत प्रधान सरदार विचित्र, शहीद भगत सिंह क्लब के गुरजीत सिंह शम्मी तथा बूथ कांग्रेस के प्रधान विकास पराशर ने कहा कि इतिहास में इस शांतिप्रिय क्षेत्र में कभी भी ऐसा नहीं हुआ और अब यहां से ज़िंदा कारतूसों के मिलने से किसी बड़ी घटना के अंदेशे से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है की शीघ्र ही इस बात का पता लगाया जाए कि उक्त कारतूस यहां पर कैसे और क्यों आए, इन्हें यहां लाने का उद्देश्य क्या था? उन्होंने मांग की है कि इस गुत्थी को जल्द सुलझाया जाए तथा इस क्षेत्र में पुलिस की रात्रि गश्त की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाया जाए।
फोटो: घनारी में मिले ज़िंदा कारतूसों को दिखाते स्थानीय प्रधान तथा अन्य।