ऊना। गणेश चतुर्थी से विराजित गणपति बप्पा का उत्सव अनंत चतुर्दशी के साथ संपन्न हो गया। उत्सव के समापन पर श्रद्धालु गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए तालाबों, झीलों और कुंडों के पास पहुंचे। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और गणपति बप्पा के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए बप्पा को विसर्जन स्थल तक लेकर पहुंचे। पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान गणेश की आरती कर उन्हें विदाई दी गई। हालांकि, खुशी के इस माहौल के बीच बप्पा की विदाई का दर्द भी साफ नजर आया। विसर्जन के समय कई श्रद्धालु भावुक हो गए। इनमें लविका, ज्योति, अलका विज, सुनीता, पूजा और संध्या सहित अन्य श्रद्धालु बप्पा को विदाई देते समय भावुक नजर आए। प्रतिमा विसर्जन के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। श्रद्धालुओं ने बप्पा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हुए अगले वर्ष फिर से आने की कामना की। इस दौरान वातावरण ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से गूंजता रहा। बच्चों ने भी बप्पा से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए अगले वर्ष फिर से आने की कामना की।