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विजिलेंस ने इंस्पेक्टर के क्वार्टर से 1.71 लाख कैश किया था बरामद
मामले की जांच में कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस की टीम की ओर से गिरफ्तार सीजीएसटी इंस्पेक्टर के मामले की जांच बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है। सीजीएसटी के शिमला बैठे आला अधिकारी को विजिलेंस की ओर से पूछताछ के लिए बुलाया गया। लेकिन, अधिकारी कई निर्देशों के बावजूद जांच में शामिल नहीं है। इसके बाद विजिलेंस की ओर से अधिकारी को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने की हिदायत दी गई है। सूत्रों की मानें से इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कहा कि इसमें केवल आरोपी इंस्पेक्टर नहीं, बल्कि कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। इससे पहले बुधवार को विजिलेंस ने पालमपुर के डाढ़ निवासी सीजीएसटी इंस्पेक्टर अंशुल धीमान को कोर्ट में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया है। बुधवार को ही सीजीएसटी के इंस्पेक्टर के ऊना स्थित क्वार्टर और घर में भी विजिलेंस की टीम ने दबिश दी। क्वार्टर में अलमारी से 1.71 लाख रुपये का कैश बरामद हुआ। मामले में घर के सदस्यों से भी पूछताछ की गई है। विजिलेंस के डीएसपी फिरोज खान के नेतृत्व में हुई कार्रवाई से जीएसटी कार्यालय के अधिकारियों में हड़कंप है। आशंका जताई जा रही है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। मामले में कई अन्य अधिकारियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक सकती है। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को सीजीएसटी इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। बाद में रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सीजीएसटी इंस्पेक्टर अंशुल धीमान ने गलत रिटर्न फाइल करने के मामले को सेटल करने के लिए डेढ़ लाख की रिश्वत मांगी थी। पूरे मामले की डील सवा एक लाख में तय हुई थी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। मंगलवार को आरोपी जैसे ही शिकायतकर्ता से रिश्वत के 50 हजार रुपये लेने लगा। विजिलेंस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया था। विजिलेंस के एसपी बलबीर सिंह ने बताया कि सीजीएसटी इंस्पेक्टर रिश्वत मामले में आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले में कुछ और कड़ियां खुलेंगी व अन्य गिरफ्तारियां भी संभव है।