संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने राज्य सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने के निर्णय का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने सीबीएसई विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग उप-कैडर बनाए जाने के प्रस्ताव पर कड़ा एतराज जताया है। संघ का कहना है कि हिमाचल प्रदेश बोर्ड और सीबीएसई विद्यालयों के शिक्षक एक ही शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं और समान सेवा नियमों से शासित हैं। ऐसे में अलग उप-कैडर बनाने से शिक्षकों के बीच भेदभाव बढ़ेगा और शैक्षणिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवक्ताओं को दोबारा परीक्षा देना पूरी तरह अनुचित है, क्योंकि वे पहले ही एचपीएसएससी या एचपीपीएससी जैसी सांविधानिक संस्थाओं के माध्यम से चयनित हो चुके हैं। संघ के राज्य मुख्य मीडिया सचिव राजन शर्मा ने कहा कि यदि सीबीएसई पाठ्यक्रम के लिए विशेष दक्षता की आवश्यकता है तो इसके लिए सरकार को प्रशिक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए। अनुभवी प्रवक्ता प्रशिक्षण के माध्यम से सीबीएसई प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम हैं। संघ ने यह भी मांग की कि सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में वर्तमान में कार्यरत प्रवक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए। अगर कोई प्रवक्ता स्वेच्छा से कार्य नहीं करना चाहता, तो सहमति के आधार पर उसका समायोजन किया जाए। इसके अलावा संघ ने वरिष्ठता, वेतन, पदोन्नति और स्थानांतरण नीति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की है। संघ के अनुसार इस विषय पर प्रदेश प्रधान अजय नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सरकार से मिल चुका है और शीघ्र ही दोबारा भेंट कर अपना पक्ष रखेगा।