कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के छह विधायकों की सदस्यता रद्द कर लोकतंत्र की हत्या की है। कांग्रेस सरकार ने आनन-फानन में यह निर्णय लिया है, जो कांग्रेस के लिए महंगा साबित होगा। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सदस्य जसविंद्र सिंह मोनू ने कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने धक्केशाही करते हुए भाजपा के 15 विधायकों को निष्कासित कर बजट तो पेश कर दिया, लेकिन यह सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी। कांग्रेस सरकार से जहां प्रदेश की जनता त्रस्त है। वहीं, उनके अपने विधायक ही कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में प्रदेश हित में वोट दिया है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता का गलत इस्तेमाल कर छह विधायकों की सदस्यता रद्द की है।
जसविंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों से पूर्व जनता से लोक लुभावने वादे किए थे, जिन्हें पूरा भी नहीं किया गया। अब सरकार इन्हीं वादों के बोझ से गिरेगी। उन्होंने कहा कि जनता पिछले 14 महीनों से कांग्रेस सरकार दी गई गारंटियों के पूरा होने के इंतज़ार में है, लेकिन सरकार ने गारंटियां पूरी करने की ओर ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अब तो कांग्रेस के विधायक ही सरकार से नाराज होकर खुलेआम विद्रोह पर उतर आए हैंं। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामियों से ही प्रदेश में आज यह स्थिति है। कांग्रेस के विधायक व मंत्रियों की फूट आज सामने आ चुकी है।