मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के गो सदनों को स्लाॅटर हाउस वाले बयान पर गौ सदनों के संचालकों ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई है। गो सदनों के संचालकों का कहना है कि कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने न केवल गो सदनों के संचालकों का अपमान किया है, बल्कि समूचे हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है।
ऊना जिला के सबसे पुराने गोसदन संतोषगढ़ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह तथा महासचिव प्यारेलाल शास्त्री ने रविवार को कहा कि गो सदनों में गोवंश की किस प्रकार सेवा हो रही है, इसे पशुपालन मंत्री को गो सदनों में जाकर देखना चाहिए। किसी एक गो सदन को देखकर अपनी राय बनाना ठीक नहीं। प्यारे लाल शास्त्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अगर गो सदनों को बंद कर दिया जाए, तो हजारों की तादाद में गोवंश सड़कों पर घूमता हुआ नजर आएगा। संतोषगढ़ गोशाला के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अढ़ाई सौ से ज्यादा गोशालाएं चल रही हैं और उनमें हजारों की तादाद में गोवंश की सेवा हो रही है, ऐसे में सभी गो सदनों को बूचड़खानों की संज्ञा देना पशुपालन मंत्री को शोभा नहीं देता।
उन्होंने कहा कि पशुपालन मंत्री को गो सदनों में जाकर गो माता की सेवा करनी चाहिए, तत्पश्चात उन्हें अपने दिए वक्तव्य पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। गोपाल गोशाला रायपुर सहोडा के अध्यक्ष छोटू राम सहोड़ ने पशुपालन मंत्री की टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि बिना सोचे विचारे इस तरह के बयान देना ठीक नहीं। छोटू राम ने कहा कि अगर सरकार गोशालाओं का सही से संचालन नहीं कर सकती तो सरकार के मंत्रियों को इस प्रकार की टिप्पणियों से बचना चाहिए।
गो रक्षा दल हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डीडी राणा, उपाध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने भी कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई है। कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में गोशालाओं का संचालन अच्छे से हो रहा है और लोग निस्वार्थ भाव से गो माता की सेवा में जुटे हुए हैं। ऐसे में गो सदनों को स्लॉटर हाउस की संज्ञा देना कृषि मंत्री चंद्र कुमार की मानसिकता को दर्शाता है। गो रक्षा दल तथा गो सदनों के संचालकों ने कृषि मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग उठाई है।