अमर उजाला पड़ताल
शहर के वार्ड नंबर-5 में बना रैन बसेरा फांक रहा धूल, दीवारों पर आई सीलन
सड़कों पर ठिठुरते नजर आ रहे लोग
चुनावी रैलियाें के बाद रैन बसेरे में रख दिए पार्टियों के झंडे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शहर में दूसरों के सहारे के लिए बनाएं रैन बसेरे खुद सहारा ढूंढ रहे हैं। सर्दियों में भी इन रैन बसेरों की हालत नहीं सुधर पाई है। बेसहारा लोग ठिठुरन भरी सर्दी में सड़कों पर घूमते नजर आ रहे है लेकिन प्रशासन इनकी सुध नहीं ले रहा। शहर के वार्ड नंबर-5 में 84 पौढि़यों के पास बनाया रैन बसेरा धूल फांक रहा है। काफी समय से रैन बसेरे में साफ-सफाई नहीं की गई है। चुनावी रैलियों के बाद पार्टियों के झंडे रैन बसेरे में फेंक दिए गए है। रैन बसेरे में बेसहारा लोगों के लिए लगाए बेड़ के नीचे झंडे भरे पड़े हैं। दीवारों पर सीलन आ गई है। हालांकि, रैन बसेरे में रेस्क्यू कर लाने वाले बेसहारा लोगों के लिए रजाइयां और बेड पहले से ही रखे गए हैं लेकिन इनकी सफाई नहीं की गई है। आसपास के लोगों ने बताया कि इस बसेरे में लंबे समय से कोई रेस्क्यू कर कोई बेसहारा नहीं लाया गया है। शहर में कड़कती ठंड में बेसहारा लोग सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। ठिठुरन भरी सर्दी में बेसहारा लोग रातों को फुटपाथ, सड़कों पर सो रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन लोगाें की सुध नहीं ली जा रही है। नगर परिषद की ओर से रैन बसेरे का संचालन किया जा रहा है। इस मामले पर नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। रैन बसेरे से संबंधी जो भी समस्याएं हैं उन्हें दूर किया जाएगा।