शिव और शंकर में अंतर का लोगों को दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। ब्रह्मकुमारीज सेवा केंद्र मैहतपुर के सौजन्य से महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य पर एक समारोह का आयोजन किया गया। सेवा केंद्र पर ध्वजारोहण की रस्म ब्रह्मकुमारीज जिला प्रभारी बीके आशा दीदी, मैहतपुर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके बबीता, बीके अशोक भाई, बीके रामकृष्ण भाई सहित उपस्थित अन्य लोगों ने मिलकर की। ध्वज के समक्ष उपस्थित होकर सभी लोगों ने पवित्र जीवन बनाने की शपथ ली। ऊना जिला ब्रह्मकुमारीज प्रभारी बीके आशा दीदी ने अपने संबोधन में शिव और शंकर में क्या अंतर है, इसे विस्तार से बताया। कहा कि परमपिता शिव और शंकर में अंतर वैसा है जैसे एक पिता व पुत्र में होता है। परमपिता परमात्मा शिव निराकार ज्योति स्वरूप में हैं, जोकि कल्याणकारी है। कल्याणकारी परमात्मा को साकार रूप में पूजने के लिए शिवलिंग का निर्माण किया गया हैं। शिवलिंग को काला इसलिए दिखाया गया है कि अज्ञानता रूपी रात्रि में परमात्मा अवतरित होकर अंधकार व अज्ञान को मिटाते हैं, जबकि भगवान शंकर को साकार रूप के रचनाकार माना जाता है, जो सृष्टि का विनाश, ब्रह्मा सृष्टि की स्थापना व विष्णु द्वारा सृष्टि की पालना कराते हैं। मैहतपुर से महाशिवरात्रि संदेश रथ जिस पर द्वादश ज्योतिर्लिंग और बाबा बर्फानी अमरनाथ की सुंदर झांकी को दर्शाया गया है, इसके माध्यम से जिलाभर में अपने संदेश को पहुंचाया जा रहा है। वीरवार को संदेश रथ की ओर से गांव भटोली, विभोर साहिब, जखेड़ा, स्वामीपुर बाग, ब्रह्महुति आदि में महाशिवरात्रि पर्व की महिमा तथा उसके वास्तविक उद्देश्य को लेकर जागरूक किया गया।