ऊना जिला प्रशासन ने मेगा मॉक ड्रिल से परखी आपदा प्रबंधन की तैयारी
आपदा से निपटने के इंतजामों का किया आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बाढ़-भूस्खलन और औद्योगिक इकाइयों में आग की दुर्घटना जैसी किसी आपदा के समय बेहतर प्रबंधन और पूर्व तैयारी के आकलन के लिए ऊना जिला प्रशासन ने मेगा मॉक ड्रिल की। इस दौरान जिले में चिन्हित 5 स्थलों पर बाढ़, भू-स्खलन, औद्योगिक आपदा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर राहत और बचाव कार्य किए गए। जिला प्रशासन ने पूरी मॉक ड्रिल को वास्तविक घटना की तरह लेकर ही अपनी प्रतिक्रिया की। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र पॉल गुर्जर खुद मोर्चे पर डटे रहे। उन्होंने असल घटना की तरह ही आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी देखी।
बता दें, यह एक प्रदेशव्यापी मॉक ड्रिल थी, जिसमें ऊना समेत प्रदेश के सभी जिलों ने भाग लिया। इस दौरान महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय में जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना था। इसमें प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, समन्वय में गैप समेत अन्य कमियों को जांचा गया, साथ ही फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की पहचान की गई, जिससे आगे सुधारात्मक कदम उठाकर आपदा प्रबंधन योजना को और कारगर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम आने को है और इसमें सम्भावित भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से आपदा की स्थिति बनती है। वहीं औद्योगिक इकाइयों में जलभराव, गैस रिसाव या आग लगने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में जन सुरक्षा तय बनाने और आपदा से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अपने दायित्वों की जानकारी, विभागों की आवश्यक पूर्व तैयारी और मुस्तैदी बहुत आवश्यक है। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि ऊना जिले में भारी बारिश के चलते आपदा की सूचना और प्रतीकात्मक नुकसान मानकर जिले में 5 स्थानों पर मॉक ड्रिल की गई।
वहीं, मॉक ड्रिल पूर्ण होने के उपरांत राज्य मुख्यालय शिमला से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से इस अभ्यास से प्राप्त सीख और अनुभव पर सभी जिलों से फीडबैक ली। इस दौरान एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चौहान ने जिले में मॉक ड्रिल के सकारात्मक और विचारणीय बिंदुओं की जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर गौर
इस पूरे घटनाक्रम में स्टेजिंग एरिया, प्लानिंग और लॉजिस्टिक पोस्ट, रेस्क्यू ऑपरेशन, रास्ते बहाल करने को मशीनरी का प्रयोग, घायलों को मौके पर मेडिकल सहायता देने, एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाने, प्रभावितों को राहत शिविरों में पहुंचाने, राशन वितरण व्यवस्था देखने समेत स्थिति को सामान्य बनाने से जुड़े आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर गौर करने के साथ सभी उपायों को परखा गया।
ऊना में बाढ़-भूस्खलन व औद्योगिक इकाइयों में अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल में भा
ऊना में बाढ़-भूस्खलन व औद्योगिक इकाइयों में अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल में भा