झंडे की रस्म से हुआ बैशाखी का आगाज
मुबारिकपुर (ऊना)।
ऊना जिला के चिंतपूर्णी क्षेत्र के मां चिंतपूर्णी मन्दिर से मात्र 4 किलोमीटर दूरी पर पश्चिम छोर की ओर अति प्राचीन, ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्व रखने वाली 500 साल प्राचीन देवस्थली 1008 गद्दी बाबा नकोदर दास धर्मशाल महंता के नाम से असंख्य श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बिंदु है। इस धार्मिक स्थली पर वैसे तो वर्ष भर संगतों का आना लगा रहता है, लेकिन संक्रांति पर यहां भक्त पहुंचते हैं। वहीं, बसोआ पर्व (बैशाखी ) पर लगने वाला भव्य मेला अपनी विशिष्ट पहचान प्राचीन काल से महत्व रखता है।
इस बारे में गद्दी महाराज श्रीश्री उपेंद्र पराशर जी ने बताया कि इस बार यह धार्मिक आयोजन विशेष झंडा रस्म से शुरू हुआ। वहीं, भव्य आयोजन गद्दी पूजन 13 अप्रैल बैशाखी के दिन भी जारी रहेगा। 13 अप्रैल को नामदान भी संगत को दिए जाएंगे। वहीं, इस स्थली में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। गद्दी परिसर में प्रकृति के संरक्षण को लेकर विशेष संदेश पट्टिकाएं इस स्थली के दिव्य वातावरण की एक मिसाल बनी हुई हैं। संवाद