शिकायतकर्ता को देना होगा मुआवजा, उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष डीआर ठाकुर ने एक अहम मामले में राष्ट्रीयकृत बैंक की ओर से शिकायतकर्ता को समय पर अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी न करने पर बैंक को सेवाओं में कमी का जिम्मेवार माना है। इसके चलते शिकायतकर्ता को 30 दिन के अंदर अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश सुनाया है।
30 दिन की देरी के बाद बैंक को प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से शिकायतकर्ता को देने पड़ेंगे। इसके अलावा 30 हजार मानसिक परेशानी और 20 हजार केस खर्च भी शिकायतकर्ता को देना पड़ेगा। अधिवक्ता अजय कुमार ने मामले के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता विकास शर्मा गांव त्यूड़ी जिला ऊना ने 15 लाख के लोन के लिए बैंक में आवेदन किया था, जिसको बैंक ने स्वीकार भी कर लिया और बैंक के कहे अनुसार शिकायतकर्ता ने अपनी संपत्ति भी मोर्टगेज करवा दी। इसका इंतकाल भी राजस्व विभाग में दर्ज हो गया, लेकिन बाद में बैंक ने बिना कारण बताए लोन को रद्द कर दिया। शिकायतकर्ता को अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जारी न किया। मजबूरन शिकायतकर्ता को ऊना उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उपभोक्ता फोरम ने सभी साक्ष्य और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद उपभोक्ता के हक में अपना फैसला सुनाया है। संवाद