थानाकलां (ऊना)। पंचायतों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को अपने पद के दायित्वों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन सुनिश्चित करने के लिए विकास खंड बंगाणा प्रशासन ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। पंचायतीराज विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत महिला प्रधानों, उपप्रधानों एवं पंचायत सदस्यों के पति अथवा अन्य पुरुष रिश्तेदारों द्वारा पंचायत के कार्यों में अनधिकृत हस्तक्षेप पर रोक लगाई गई है। खंड विकास अधिकारी बंगाणा केएल वर्मा ने बताया कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को पंचायत की बैठकों, निर्णय प्रक्रिया, विकास कार्यों, वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों सहित सभी जिम्मेदारियों का स्वयं निर्वहन करना होगा। उनके पति अथवा अन्य पुरुष रिश्तेदार उनके स्थान पर पंचायत का कार्य नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पंचायतों में केवल अधिकृत निर्वाचित प्रतिनिधियों की ही सहभागिता सुनिश्चित की जाए। महिला जनप्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर देना महिला सशक्तीकरण और मजबूत स्थानीय स्वशासन के लिए आवश्यक है। वर्मा ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं पंचायत सचिवों को विभागीय निर्देशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत हस्तक्षेप की शिकायत मिलने पर मामले का संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।