ऊना। सरकार की ओर से शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में अध्यापकों के लिए अंतरराष्ट्रीय भ्रमण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इस योजना के तहत पात्रता रखने वाले अध्यापकों को दो दिन के भीतर जरूरी दस्तावेज व जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत अध्यापकों से जिन दस्तावेजों की जानकारी की मांग की गई है, उनमें अध्यापन सेवाकाल की अवधि से जुड़ा प्रमाणपत्र, शैक्षणिक योग्यता की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा आवेदन करने वाले शिक्षकों की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां, अवार्ड और बीते सालों में उनके विषय में क्या रिजल्ट रहे, उसकी जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा अध्यापकों की पोस्टिंग से लेकर उनकी शिक्षा के अलावा अन्य उपलब्धियों की जानकारी भी मांगी गई है, जिसे एक डाक्यूमेंट्री की तरह बनाकर जमा करवाया जा सकता है।
खास बात यह है कि सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। यह दो दिन शनिवार और रविवार हैं। ऐसे में अध्यापकों के लिए सारी औपचारिकताएं इतने कम समय में पूरा करना काफी चुनौतीपूर्ण है। बता दें कि विदेश में प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों के लिए शिक्षा क्षेत्र की नई तकनीकों से अवगत करवाना मुख्य मकसद होता है।
अध्यापकों के लिए अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट से जुड़ी जानकारी स्कूलों को भेज दी गई है। फिलहाल इसके लिए दो दिन का समय दिया गया है। अगर भविष्य में इसकी अंतिम तिथि को लेकर कोई बदलाव होता है, तो निश्चित तौर पर उसे लागू किया जाएगा।
राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग