सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य : नरेंद्र
लाभार्थी की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण न होने पर नहीं मिलेगी पेंशन
कल्याण भवन ऊना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार की एर से संचालित वृद्धावस्था, अपंगता, विधवा एवं एकल नारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए अब ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। इसी क्रम में बुधवार को कल्याण भवन ऊना में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने की। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नरेंद्र कुमार ने बताया कि लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन कार्य मुख्य रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से किया जाएगा, क्योंकि वे अपने क्षेत्र की सामाजिक, पारिवारिक और भौगोलिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। इस कार्य को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से उन्हें ई-कल्याण मोबाइल एप उपलब्ध कराया गया है, जिसकी प्रक्रिया अगस्त 2025 से शुरू की गई है। अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहले ही इस एप पर पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि समाज के जरूरतमंद वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम वर्गों के सशक्तिकरण के लिए ई-कल्याण पोर्टल की शुरुआत की गई है, जो हिम परिवार पोर्टल के अंतर्गत विकसित किया गया है। यह पोर्टल लाभार्थियों के प्रामाणिक और पारदर्शी सत्यापन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी लाभार्थी की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती है तो वह भविष्य में पेंशन प्राप्त करने का पात्र नहीं रहेगा। सभी लाभार्थियों से आग्रह है कि वे शीघ्र ही अपनी स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करवाएं। साथ ही अन्य पात्र व्यक्तियों को भी इस प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें जागरूक करें। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित, तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर कुमार, तथा पर्यवेक्षक आशा, कुलवीर, नानकी, संतोष, कंचन, वीना, मीनू, नरेश सहित सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।