फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: स्कूल में कक्षाओं के साथ दीवारें भी दे रहीं ज्ञान का संदेश

Fri, 01 Mar 2024 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नारी के स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर संसाधन जुटाकर विद्यालय के वातावरण को चार चांद लगा दिए हैं। स्कूल की दीवारों में पठन-पाठन और अन्य ज्ञानवर्धक आकृतियों से बच्चों के ज्ञान में वृद्धि की जा रही है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार दो वर्ष पहले स्कूल के भवन को रंग-रोगन करवाया गया, लेकिन धूल-मिट्टी आदि से फीका पड़ने के कारण मुख्य शिक्षक सत्येंद्र मिन्हास और बाकी अध्यापकों ने अपने संसाधन जुटाकर लगभग एक लाख रुपये की लागत से भवन को पेंट करवाकर रचनात्मक कृतियां दीवारों पर बनवाईं। उन्होंने अपने पास से प्यूरीफायर और लोगों के सहयोग से दो वाटर कूलर स्कूल में स्थापित करवाए। वहीं, नर्सरी कक्षा से ही बच्चों की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से शुरू करवाई।
स्कूल के मुख्य शिक्षक सत्येंद्र मिन्हास ने बताया कि विद्यालय को हम विद्या का मंदिर समझ कर ही कार्य में जुटे हैं। स्कूल स्टाफ और एसएमसी के सहयोग से स्कूल को और बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए समय मिलने पर घर-घर भी जा रहे हैं।
विज्ञापन

उधर, ग्राम पंचायत प्रधान रामकुमार ने बताया की स्कूल प्रशासन ने गांव के ही 10 लोगों से बातचीत कर खेल के मैदान के लिए जमीन स्कूल के नाम करवाई है। यहां बच्चे अब खेल गतिविधियां कर सकेंगे। अभी पहले इसको अपने ही खर्च पर समतल करवाना शुरू कर दिया गया है।
बच्चों को घर से लाने और छोड़ने के लिए गाड़ी का भी प्रबंध
नारी स्कूल में पढ़ाई के लिहाज से बनाए गए सुविधाजनक माहौल के बीच स्थानीय लोग भी बच्चों को यहां पढ़ाने में रुचि लेने लगे हैं। अकेली नर्सरी कक्षा में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 25 बच्चों की वृद्धि हुई है। इसके अलावा अभिभावकों के सहयोग से बच्चों को घर से लाने और छोड़ने के लिए गाड़ी का भी प्रबंध किया गया है। इसी कारण इस वर्ष अलग-अलग कक्षाओं में 40 से अधिक नए बच्चों ने दाखिला लिया है। वर्तमान में विद्यालय में कुल विद्यार्थी लगभग 130 हो गए हैं।
नारी स्कूल का जिले में अलग स्थान : देवेंद्र चंदेल
उपशिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा देवेंद्र चंदेल का कहना है कि नारी स्कूल का जिले में एक अपना ही स्थान है। यहां केंद्र मुख्य शिक्षक और अन्य अध्यापक सरकार के पैसे का इंतजार नहीं करते। जो कार्य बच्चों की भलाई के लिए ध्यान में आता है, खुद अपने खर्च पर ही करवाकर बच्चों को सुविधा प्रदान कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें