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Una News: पढ़ाई के साथ सब्जियां तैयार करना भी सीखेंगे विद्यार्थी

Thu, 29 Aug 2024 04:34 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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विकास चौधरी
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ऊना। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को पोषणयुक्त हरी सब्जियां तैयार करने के गुर भी सिखाए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय से स्कूलों को अपने परिसर में न्यूट्रीशियन गार्डन तैयार करने निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि इस बारे में पहले भी निदेशालय ने विभाग के जरिए स्कूलों को कई बार पत्र जारी किए हैं। अधिकतर स्कूलों में इससे जुड़े कदम नहीं उठाए गए। मुख्य कारण स्कूल परिसर में पर्याप्त जगह होने को बताया गया। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कम स्थान पर भी ऐसी वाटिका तैयार हो सकती हैं। इस कार्य में विद्यार्थियों को पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों के तौर पर शामिल किया जाएगा। मल्टीटास्क वर्कर और मिड-डे मील सहायक भी इसमें भागीदारी देंगे।
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जानकारी के अनुसार मिड-डे-मील को पहले से अधिक पोषित बनाने के मकसद से स्कूलों में न्यूट्रीशियन गार्डन तैयार करवाए जा रहे हैं। जहां स्कूल परिसर छोटा है, वहां व्यर्थ पड़े प्लास्टिक पॉट, छोटे कंटेनर, कैन, लकड़ी की पेटियों, खाने के डिब्बे, आटे के बैग सहित अन्य साधनों से पोषित सब्जियां उगाने का परामर्श दिया गया। छत पर भी गार्डन तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा इको क्लब फंड का इस्तेमाल कर खरीदे गए पोट्स में भी हरी सब्जियां व फल उगाए जा सकते हैं। निदेशालय ने स्कूलों से लोकल सब्जियां उगाने को कहा है। इसमें पालक, हरा धनिया, मूली, पुदीना, शलगम, चुकंदर मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा अन्य पोषक सब्जियों को भी स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार उगा सकते हैं।

शिक्षा विभाग से मांगा वर्तमान आंकड़ा
निदेशालय ने शिक्षा विभाग से यह आंकड़ा भी मांगा कि ही वर्तमान में कितने स्कूल ऐसे हैं, जहां न्यूट्रीशियन गार्डन बनाए गए हैं। निदेशालय ने पत्र में स्पष्ट किया कि सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों से पढ़ाई के अलावा अतिरिक्त गतिविधियों के तौर पर सेवाएं ले सकते हैं। वहीं, मल्टीटास्क वर्कर, मिड-डे मील सहायकों और एसएमसी से भी सहयोग लिया जा सकता है।
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Iन्यूट्रीशियन गार्डन को लेकर सभी स्कूलों को सूचित किया गया है। जल्द ही इसकी वर्तमान रिपोर्ट स्कूलों से मांगी जाएगी। जहां अभी गार्डन तैयार नहीं हुए, वहां निदेशालय के निर्देश अनुसार कार्य करवाया जाएगा। उम्मीद है कि इसमें सभी स्कूल सहयोग करेंगे। I
राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग
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