संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। पंचायतों और सहकारी समिति में सामने आए घोटालों को लेकर ब्लॉक समिति अंब के उपाध्यक्ष और चिंतपूर्णी लोअर भाजपा मंडल के सोशल मीडिया प्रभारी संदीप ठाकुर ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी पंचायत प्रधान या कोऑपरेटिव सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जो इन कामों की निगरानी और जिम्मेदारी में होते हैं। संदीप ठाकुर ने सवाल उठाया कि आखिर कैसे कोई अकेला पंचायत प्रधान या सोसायटी सचिव इतने बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दे सकता है। जब हर सरकारी योजना और लेन-देन पर संबंधित विभागों की निगरानी होती है। अगर कोई पंचायत प्रधान भ्रष्टाचार करता है तो निलंबन हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह बिना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा कर सकता है। पंचायतों के कार्यों में जेई, पंचायत सचिव, पंचायत निरीक्षक और बीडीओ जैसे कई अधिकारी निगरानी करते हैं। वहीं, कोऑपरेटिव सोसायटी में सचिव के कार्यों का नियमित ऑडिट होता है। फिर भी अगर सालों तक घोटाले होते रहे तो यह दर्शाता कि संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों में विफल रहे हैं या फिर वे भी कहीं न कहीं इसमें संलिप्त हो सकते हैं।