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Una News: घर में गैर-कानूनी तरीके से घुसकर मारपीट करने के आरोपी बरी

Wed, 08 Jul 2026 01:10 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो शविक घई की अदालत ने किसी के घर में गैर-कानूनी तरीके से घुसकर मारपीट करने के आरोपी विश्वजीत और विशाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 451, 323 और धारा 34 के तहत लगे आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया है। आरोपियों ने पहले ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437-ए के आदेशानुसार व्यक्तिगत और ज़मानती बॉन्ड जमा कर दिए हैं, जिसमें उन्होंने यह वचन दिया है कि यदि कोई अपील दायर की जाती है और सुनवाई के लिए स्वीकार की जाती है, तो वे निर्धारित समय के भीतर अपीलीय अदालत के समक्ष उपस्थित होंगे। धारा 437ए सीआरपीसी के तहत जमा किए गए बॉन्ड को छोड़कर, उनके अन्य सभी व्यक्तिगत और ज़मानती बॉन्ड रद्द और समाप्त माने जाएंगे। अपील की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, और यदि अपील की जाती है तो माननीय अपीलीय अदालत के आदेश के अधीन, मामले से जुड़ी संपत्ति (यदि कोई हो) का निपटारा कानून, नियमों और निर्देशों के अनुसार सख्ती से किया जाएगा। बता दें कि अभियोजन पक्ष के संक्षिप्त तथ्य ये हैं कि शिकायतकर्ता पक्ष और आरोपी व्यक्ति आपस में घनिष्ठ रूप से संबंधित हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 दिसंबर 2016 को, शिकायतकर्ता पक्ष ने अपने घर के सामने शौचालय और सेप्टिक टैंक का निर्माण शुरू किया। निर्माण के दौरान पीड़ित पवन के भाइयों ने इस पर आपत्ति जताई। परिणामस्वरूप वार्ड सदस्य ने मौके का दौरा किया, मामले में हस्तक्षेप किया और विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। अभियोजन पक्ष का आगे का मामला यह है कि 24 दिसंबर 2016 को शिकायतकर्ता पक्ष ने निर्माण कार्य जारी रखने के लिए फिर से मजदूरों को काम पर लगाया। शाम लगभग 5 बजे, आरोपी सोमनाथ अपने बेटों विश्वजीत और विशाल के साथ मौके पर पहुंचा और इस आधार पर निर्माण का विरोध किया कि इससे आंगन में आम रास्ता संकरा हो गया था। जब शिकायतकर्ता पक्ष ने निर्माण रोकने से इनकार कर दिया तो आरोपी विश्वजीत ने कथित तौर पर मौके पर पड़ी एक ईंट उठाई और पवन कुमार की पत्नी ज्योति के सिर पर वार किया। इसके बाद, तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता पक्ष के सदस्यों पर हमला किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में संलिप्त आरोपियों को बरी कर दिया है।
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