ऊना। स्कूलों में दोपहर का भोजन तैयार करने वाली मिड-डे-मील वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इन्होंने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की। शनिवार को मिड-डे-मील यूनियन की जिला स्तरीय बैठक एमसी पार्क में एकल नारी शक्ति संगठन की जिला अध्यक्ष कांता शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें यूनियन ने विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। यूनियन ने मांग की है कि सभी मिड-डे-मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। माह में होने वाली छुट्टियों का वेतन न काटा जाए और पूरे महीने का वेतन दिया जाए। यूनियन ने कहा कि गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। जिस कारण उन्हें मिड-डे-मील तैयार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाए। जिन स्कूलों में मिड-डे-मील वर्करों की संख्या दो या तीन है, उसे यूं ही रहने दिया जाए। सभी वर्करों को नियमित किया जाए। यूनियन की जिला प्रधान बलबिंद्र कौर ने बताया कि यूनियन की आगामी बैठक 8 दिसंबर को ऊना के एमसी पार्क में सुबह 11 बजे होगी। इस मौके पर सचिव सुनीता देवी, राज रानी, कृष्णा देवी, संध्या देवी, कपिल देव, कमल देवी, नरेश कुमारी, प्रमिला देवी, सीता देवी, राणो देवी, सुनीता, छिंदो देवी, प्रेम लता, सरोज कुमारी, प्यारो, नीलम, आशा, तारो देवी, स्वर्णी, कांता, संतोष, रीता, निर्मला एवं सुनीता सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।