थाना प्रभारी की तैनाती पर डीजीपी तल्ख
बोले-लाइन में पांच इंस्पेक्टर तो क्यों लगाया सब इंस्पेक्टर
डीजीपी ने किया ऊना थाने का औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। डीजीपी सीता राम मरडी मंगलवार सुबह ऊना पुलिस थाना में औचक निरीक्षण पर पहुंच गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान उन्होंने थाना की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीजीपी ऊना थाना में थाना प्रभारी के पद पर सब इंस्पेक्टर की तैनाती किए जाने पर तल्ख दिखे। उन्होंने कहा कि जब लाइन में पांच इंस्पेक्टर हैं तो ऊना थाने में सब इंस्पेक्टर को थाना प्रभारी क्यों तैनात किया गया है? इसके अलावा थाने के अंदर खड़े किए गए वाहनों के उचित रखरखाव के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर एसपी दिवाकर शर्मा, एएसपी अमित शर्मा और डीएसपी अशोक वर्मा भी उपस्थित रहे। डीजीपी ने थाने में स्वच्छता को लेकर भी सजग रहने के निर्देश दिए। उन्होंने थाने का रिकॉर्ड भी चेक किया और करीब एक घंटे तक थाने में व्यवस्थाएं जांचीं। मरडी ने थाने में खड़े वाहनों को हटाने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मियों से थाने की फीडबैक भी ली। मरडी ने कहा कि अलग-अलग जिलों में जाकर पुलिस थानों और चौकियों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत मैं आज जिला ऊना में आया हूं। उन्होंने कहा कि ऊना पुलिस ने नशे के खिलाफ अच्छा काम किया है। एनडीपीएस के तहत केस भी बढ़े हैं। स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और स्कूल प्रबंधकों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों के समीप दुकानों और संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है। इससे बच्चों पर अच्छा असर पड़ रहा है। मरडी ने कहा कि नूरपुर में हुए सड़क हादसे के बाद पुलिस निजी स्कूलों के प्रशासन के साथ मिलकर उन्हें जागरूक कर रही है। इसके लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। ड्राइविंग लाइसेंस भी चेक किए जा रहे हैं। पुलिस इसमें पूरा सहयोग कर रही है। ऊना में निजी स्कूलों की बसों से हुए दो अलग-अलग हादसों के बारे में डीजीपी ने कहा कि पुलिस अपने स्तर पर भी जांच करेगी। यदि अभिभावकों ने इसकी शिकायत नहीं भी की है तो भी मामले की जांच की जाएगी। मरडी ने कहा कि प्रदेश में पुलिस विशेष अभियान चलाए हुए हैं, इसमें सभी को अपना सहयोग देना चाहिए।