17 अप्रैल तक चलेंगे चैत्र नवरात्र मेले, मेले को मंदिर प्रशासन ने चार सेक्टर में बांटा,
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी जी के दरबार में मंगलवार से चैत्र नवरात्र मेले का शुभारंभ हुआ। मां के दरबार में 9000 श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में शीश नवाया। माता के भक्त दिनभर माता रानी के जयकारे लगाते और भजन गाते हुए माता चिंतपूर्णी के दरबार पहुंच रहे हैं। चैत्र नवरात्र मेले को मंदिर प्रशासन की ओर से चार सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक मजिस्ट्रेट लगाया गया है, ताकि अधिक भीड़ की स्थिति में नियंत्रण रखा जा सके। मेला अधिकारी एडीएम अंब विवेक महाजन ने मेला क्षेत्र का दौरा किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एडीएम विवेक महाजन ने बताया कि प्रशासन भीड़ पड़ने की स्थिति में पूरी तरह से तैयार है। मेला क्षेत्र में पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं, होमगार्ड के प्लाटून कमांडर जागिरी लाल ने बताया कि पहले नवरात्र के दिन 9000 भक्त माता रानी के दरबार में नतमस्तक हुए। कहा कि होमगार्ड के जवान दिनरान मंदिर से जुड़ी व्यवस्था संभाल रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए विशेष तौर पर जवानों की तैनाती की गई है।
इन पर रहेगी पाबंदी
माता चिंतपूर्णी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेला 9 से 17 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान कानून व्यवस्था में तैनात जवानों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति द्वारा हथियार लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए मंदिर न्यास को छोड़कर अन्यों द्वारा लाउड स्पीकर के इस्तेमाल करने पर पूर्ण मनाही रहेगी। मेले के दौरान ब्रॉस बैंड़, ड्रम, लंबे चिम्टे इत्यादि के लाने पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति इन वस्तुओं को अपने साथ लाता है तो उन्हें पुलिस द्वारा स्थापित बैरियर पर ही जमा करवाना होगा। साथ ही इस दौरान पॉलीथिन के इस्तेमाल पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खुले में और सड़क किनारे लंगर लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा और अतिशबाजी इत्यादि की भी अनुमति नहीं होगी।
मेले में 400 सुरक्षाकर्मी तैनात
मेले में एसडीएम अंब मेला अधिकारी होंगे, जबकि डीएसपी अंब को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान 400 पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। मेले के दौरान मंदिर और मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों का समुचित उपयोग किया जाएगा, ताकि असामाजिक तत्वों के जरिए होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। एडीसी ने मंदिर अधिकारी को सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।