ऊना। जिले में सहारा योजना का लाभ ले रहे 30 प्रतिशत लाभार्थियों ने स्वास्थ्य विभाग को जीवन प्रमाणपत्र नहीं सौंपे हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से इन लाभार्थियों को हर माह मिलने वाली पेंशन से वंचित रहना पड़ सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लाभार्थियों को नजदीक के खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, लोकमित्र केंद्र और क्षेत्रीय अस्पताल में जमा करवा सकते हैं।
जिले में गंभीर रोगों से लड़ रहे मरीजों को सहारा योजना का लाभ ले रहे मरीजों को जीवन प्रमाणपत्र जमा न करवाना भारी पड़ सकता है। वर्तमान में जिले के 2511 गंभीर मरीज सहारा योजना के तहत हर माह 3000 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस प्रमाणपत्र को हर छह माह बाद ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से जमा करवाना होता है। इस बार जिले में 30 प्रतिशत लाभार्थियों ने जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं करवाए हैं। ऐसे में आगामी माह में इन लाभार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें मिल रही आर्थिक सहायता को रोका जा सकता है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई माह के अंत तक अपने जीवन प्रमाणपत्र जमा करवाने और लोकमित्र केंद्र में जाकर ऑनलाइन अपलोड करने की अपील की है।
इन रोगियों को मिलता है सहारा योजना में लाभ
सहारा योजना के तहत पार्किसंन रोग, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, थैलीसिमिया, पैरालाइसिस, कैंसर, हिमोफीलिया, गुर्दे की विफलता और किसी रोग के चलते स्थाई तौर पर अक्षम होने वाले मरीजों को सहारा योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाती है।
सहारा योजना के 30 प्रतिशत लाभार्थियों ने जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं करवाए हैं। यह लाभार्थी और इनके परिजन नजदीक के लोकमित्र केंद्र, खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय व क्षेत्रीय अस्पताल में भी जमा करवा सकते हैं।
दीपक चब्बा, जिला नोडल अधिकारी, सहारा योजना