बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर जागरूकता शिविर में मौजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना नरेंद्र कुमा
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट में खुलासा
वृत्त पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मिशन शक्ति एप डाउनलोड करने का आग्रह
भंजाल में मिशन शक्ति योजना पर जागरुकता शिविर में दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बाल विवाह बालिकाओं के सपनों को साकार करने से रोकता है और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रभावित करता है। यह बात गगरेट ब्लॉक के वृत्त-भंजाल में मंगलवार को मिशन शक्ति योजना के तहत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर जागरुकता शिविर के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना नरेंद्र कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार भारत में 20 से 24 वर्ष की आयु वर्ग की 23.3 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले हो चुकी थी, जो चिंता का विषय है। नरेंद्र कुमार ने शिविर में उपस्थित वृत्त पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि मिशन शक्ति योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 तक बाल विवाह की दर को 23.3 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत तक लाना और वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना और बाल विवाह को समाप्त करने के लिए सामुदायिक संस्थाओं और स्तरों को सशक्त बनाना, बाल विवाह से जुड़ी शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन और बाल संरक्षण एजेंसियों की क्षमताओं का विकास करना, बाल विवाह पीड़ितों के लिए शिक्षा, पुनर्वास और संरक्षण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना और महिलाओं को नेतृत्वकर्ता के रूप में सशक्त करके उन्हें अपने गांवों में बाल विवाह के विरुद्ध आवाज़ उठाने के लिए सक्षम बनाना है। जिला समन्वयक डीएचई ईशा चौधरी ने मिशन शक्ति के अंतर्गत भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। ईशा चौधरी ने उपस्थित वृत्त पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से मिशन शक्ति एप को भी डाउनलोड करवाने की अपील की। इस एप के जरिए सरकार की ओर से सभी योजनाओं कि जानकारी हासिल की जा सकती है। शिविर में जिला समन्वयक डीएचई ईशा चौधरी, जिला समन्वयक पोषण अभियान मंजूर अहमद खान, रमा कुमारी, वृत्त पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।