प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों की पदोन्नति में हो रही देरी पर संघ ने जताई नाराज़गी
वर्ष में दो बार परीक्षाओं के आयोजन के फैसले पर पुनर्विचार करने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश मुख्याध्यापक एवं अधिकारी संवर्ग जिला इकाई ऊना की बैठक संघ के जिला अध्यक्ष नरेश शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को एक निजी होटल में संपन्न हुई। इसका शुभारंभ जिला महासचिव विवेक दत्ता ने सभी साथियों के स्वागत के साथ किया। सर्वप्रथम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की ऊंची छलांग पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर एवं शिक्षा सचिव राकेश कंवर के प्रयासों में सभी साथियों के सहयोग की सराहना की गई। संघ सदस्यों ने हैरानी जताई कि शिक्षा की गुणवत्ता को केंद्र में रखकर सोचने वाली सरकार दो वर्षों से प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों की पदोन्नति में इतना विलंब क्यों कर रही है। संघ ने एक स्वर में सरकार से इन पदोन्नति सूचियों को शीघ्र जारी करने का आह्वान किया। संघ का मानना है कि इससे एक ओर शिक्षकों में नव ऊर्जा का संचार होगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। वर्तमान में लगभग 800 प्रधानाचार्य एवं 230 मुख्याध्यापक पद रिक्त चल रहे हैं। संघ ने सरकार से इन पदों पर शीघ्र पदोन्नति की मांग की है। साथ ही, संघ ने सरकार द्वारा वर्ष में दो बार परीक्षाओं के आयोजन के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग भी की है। संघ का तर्क है कि इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित होगा। इस अवसर पर नरेश ठाकुर, दिलबाग सिंह, नरेश जसवाल, देवेंद्र सिंह चौहान, सुधीर गौतम, संजय धीमान, अशोक बैस, एस.के. धीमान, रविंद्र धीमान, अनिल बक्शी, चंदन भारद्वाज, अनिल राणा एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।