ऊना। जिला मुख्यालय में बाजारी मिठाइयों में गंदगी की भरमार देखने को मिल रही है। मिठाई की दुकानों में मिठाई बनाते समय हलवाई सफाई का ध्यान न रखते हुए गंदगी में ही मिठाई रख रहे हैं। त्योहारों में जागने वाला स्वास्थ्य विभाग इन दिनों गहरी नींद सोया हुआ है। हलवाई लोगों को मिठाइयों के साथ मरी हुई मधुमक्खियां और चींटियां परोस रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने ऊना शहर की कुछेक मिठाई की दुकानों के स्टोर का दौरा किया तो इस दौरान स्टोर में रसगुल्ले के पतीले में दर्जनों मधुमक्ख्यिां मरी हुई थीं। इसके अलावा साथ ही एक बर्तन में रखे हुए पेठे में भी मधुमक्खियां मरी हुई थीं। ऐसी गंदगी में बन रही मिठाई खाने से लोग बीमार हो सकते हैं। ऐसे मिठाई विक्रेताओं पर शिकंजा कसने में स्वास्थ्य विभाग भी सुस्त दिखाई दे रहा है। हैरत की बात है कि जिले में मिठाई की सैकड़ों दुकाने हैं, लेकिन इन पर चेक रखने के लिए एक भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा निरीक्षक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग मात्र त्योहारी सीजन में कुछेक दुकानों में मिठाई के सैंपल भरकर खानापूर्ति कर पूरे वर्ष के लिए कुंभकर्णी नींद सो जाता है। मिठाई विक्रेताओं की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ऊना शहर की मिठाई की दुकानों में बन रही मिठाई में इस तरह के कीड़े-मकौड़े आम देखे जा सकते हैं।