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नौकरी दिलाने के नाम पर 4.39 लाख ऐंठे

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अमर उजाला ब्यूरो

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अंब (ऊना)।
पुलिस थाना अंब के तहत दियाड़ा में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से लाखों की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को सौंप दी है। पीड़ित युवक ने एक निजी कंपनी के कर्मचारियों यूपी निवासी राहुल कश्यप, आशीष पांडे और दिल्ली निवासी सुमित कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। पीड़ित सुशील कुमार निवासी दियाड़ा ने पुलिस को दी शिकायत ने बताया कि नौकरी के लिए एक कंपनी में अपना रिज्यूम डाला था। इस पर कंपनी की तरफ से राहुल कश्यप की कॉल आई कि 1600 रुपये कंपनी के पीआरएम आशीष पांडेय के अकाउंट में जमा करवाने को कहा गया। इस पर सुशील ने पैसे जमा करवा दिए।

फिर उसे बोला गया कि ऑनलाइन इंटरव्यू लिया जाएगा और उसके बाद फिर से 10,200 रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया। यह पैसे भी सुशील ने एसबीआई के अकाउंट में जमा करवा दिया। इसके बाद उसे कुछ कागज पर हस्ताक्षर कर कर ई-मेल से भेजने को कहा गया। साथ में 12,400 रुपये जमा करवाने को भी कहा गया। सुशील ने 5 और 6 सितंबर 2017 को 6000 और 6400 रुपये आशीष पांडेय के अकाउंट में डाल दिए। फिर उससे पैन और आधार नंबर मांगा गया और 10 हजार रुपये और जमा करवाने के लिए कहा गया।
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उससे कहा गया कि उसका कॉरपोरेट अकाउंट खुलेगा जिसमें उसकी सैलरी डलेगी। 13 सितंबर को उसने 10 हजार भी जमा करवा दिए। 14 सितंबर को उससे साढ़े 20 हजार रुपये की मांग ई-मेल के जरिये की गई। इस पर सुशील ने 20 हजार 500 रुपये आशीष पांडेय के अकाउंट में जमा करवा दिए। इस तरह हर बार सुशील से पैसे मांगे जाते रहे और वह देता रहा। 21 सितंबर 2017 को उसे फिर से 25 हजार जमा करवाने को कहा गया। उसे बोला गया कि यह आखिरी बार लिए जा रहे हैं। उसकी जॉब एचडीएफसी की नंगल रोड ऊना ब्रांच में लग जाएगी। साथ ही उसे यह कहा गया कि उससे लिए गए सारे पैसों में से आधी राशि उसे जॉब लगने के 15 दिन के भीतर लौटा दी जाएगी।
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फिर उसे कहा गया के अब उसे एचडीएफसी के बजाय आईसीआईसीआई में नौकरी दिलवाई जाएगी। फिर से 30 हजार रुपये मांगे गए। इस तरह कुल 3,65,500 रुपये ठगने के बाद भी उसे जॉब नहीं दी गई। जब सुशील ने उनसे अपने पैसे लौटाने को कहा तो पैसे लौटाने के एवज में उससे फिर 68 हजार रुपये लूट लिए लेकिन उसके पैसे वापिस नहीं दिए। पीड़ित सुशील को कुल मिलाकर 4 लाख 39 हजार की चपत लगी। यह पैसा सुशील ने अपनी मां और भाई से उधार लेकर नौकरी पाने की चाह में दिए थे। एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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