छठ पूजा पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
सूरज को अर्घ्य देने के साथ व्रत संपन्न, हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने टेका माथा
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल।
सतलुज किनारे तीन दिन तक चलने वाला छठ पर्व शुक्रवार को सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। इस मेले में सैकड़ों की तादात में बिहारी समुदाय के लोगों ने सतलुज दरिया के किनारे एकत्रित होकर इस पर्व को धूमधाम से मनाया। सुबह सवेरे स्नान कर सूरज देव को अर्घ्य दिया। कार्तिक मास की पांचवीं से सातवीं तक मनाया जाने वाला छठ पर्व सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। नंगल के बाबा ऊधो मंदिर के निकट सतलुज दरिया के किनारे पर्व मनाने के लिए सैकड़ों की संख्या में बिहारी समुदाय के लोग जमा हुए थेे जो ठंड के मौसम के बावजूद सतलुज दरिया में स्नान कर छठ मइया की विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद सूरज देव को अर्घ्य देने की रस्म अदा कर रहे थे। माना जाता है कि यह पर्व परिवार, देश की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर मनाया जाता है। व्रत रखने वाली महिलाओं नीता वर्मा, सलोनी कुमारी, रजनी कुमारी, बिंदू तिवारी, अर्चना तिवारी, सविता पटेल, लक्ष्मना देवी के अलावा शिवालिक फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. डीएन प्रसाद ने कहा कि इस पर्व के प्रथम दिन स्नान करने के बाद उपवास के दौरान दिन में एक बार चने की दाल और लौकी प्रसाद की रूप में सेवन की जाती है। दूसरे दिन गुड़ की खीर और रोटी भगवान को भोग लगा कर प्रसाद के रूप में उसका सेवन किया जाता है। इसके बाद सायं सूर्यास्त के समय सूर्य को अर्घ्य देने के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है। अगले दिन प्रात: सभी भक्तजन नदी के किनारे पूजा करने के लिए एकत्र होते हैं। अपनी-अपनी मन्नत के अनुसार पानी में खड़े होकर छठ मइया की पूजा करके उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया जाता है।