माता चिंतपूर्णी दर्शन के लिए उमडे श्रद्धालु।संवाद
धूप से बचने के लिए लगाए गए टेंट पड़ गए छोटे, कई भक्त बिना दर्शन के लौटे
भीड़ और चढ़ावा बढ़ा लेकिन व्यवस्थाएं नहीं
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को 18 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। सुबह से ही दर्शनों के लिए लगी दोहरी लाइनें होटल संतोष को पार करती हुई लुधियाना धर्मशाला के पास जा पहुंचीं। मंदिर प्रशासन की ओर से धूप से बचने के लिए लगाए गए टेंट छोटे पड़ गए और लाइनें दूर तक जा पहुंचीं। श्रद्धालुओं को धूप में ही लाइनों में खड़े होना पड़ा। कई श्रद्धालु तो बिना दर्शनों के ही घरों को लौट गए । धूप में घंटों खड़े रहना काफी मुश्किल था और दर्शनों के लिए लगी लाइनें काफी धीमी गति से चल रही थीं। पंजाब के अमृतसर से आईं राजवेंद्र कौर ने बताया वह अपने परिवार के साथ दर्शनों के लिए आई थीं लेकिन भीड़, धूप और गर्मी में लाइनों में खड़े होना काफी मुश्किल है। अब फिर कभी दर्शनों के लिए आएंगे। गोर हो कि वर्षों पुरानी व्यवस्था ही मंदिर न्यास की ओर से दर्शनों के लिए चलाई जा रही है। भीड़ बढ़ी लेकिन व्यवस्थाएं नहीं। जितने टेंट 10 साल पहले लगाए जाते थे, उतने ही आज लगते हैं। मंदिर का चढ़ावा भी बढ़ा लेकिन मंदिर न्यास के टेंटोें की संख्या नहीं बढ़ पाई। न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था अधिकारियों की ओर से बनाई गई। अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि रविवार को 18 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। भीड़ के कारण दर्शनों के लिए लगी डबल लाइनें काफी लंबी चली गई थीं।