अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह बैंस ने कहा है कि 4-9-14 की विसंगतियों को शीघ्र दूर किया जाए। कुछेक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल चुका है लेकिन बहुत से कर्मचारी 4-9-14 के लाभ से वंचित हैं। यह इन कर्मचारियों से घोर अन्याय है। प्राथमिक सहायक अध्यापक पिछले 15 वर्षों से प्राथमिक पाठशालाओं में सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें सरकार शीघ्र नियमित करे। अनुबंध जेबीटी से नियमित जेबीटी अध्यापकों की दो वर्ष की शर्त को हटाते हुए सभी वित्तीय लाभ एवं अनुबंध जेबीटी पद पर नियुक्ति की तिथि से ही वरिष्ठता सूची में जोड़ा जाए। सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक स्कूलों से परीक्षा के दौरान कोई भी डाक न मंगवाई जाए। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। मध्याह्न भोजन योजना के तहत सोशल ऑडिट को भी सरकार बंद करे। अगर विभाग और सरकार ने ऐसे तुगलकी फरमान जारी करने हैं तो मध्याह्न भोजन योजना किसी अन्य एजेंसी को दे दी जाए। अध्यापकों का कार्य बच्चों को पढ़ाना है न कि अन्य गैर शैक्षणिक कार्य करना। सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के लिए अध्यापकों से केवल शैक्षणिक कार्य करवाया जाए। तभी विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। सभी का रुझान निजी स्कूलों की अपेक्षा सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ेगा। सरकार और विभाग को चाहिए कि प्राथमिक स्कूलों के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। अगर प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत होगी तभी उच्च शिक्षा अच्छे ढंग से विद्यार्थी प्राप्त कर पाएंगे। इस अवसर पर जिला महासचिव राकेश चंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान जोगिंद्र मियां, कोषाध्यक्ष सतिंदर मिन्हास, लेखाकार महेश शर्मा, उपप्रधान सतीश कुमार, खंड प्रधान गगरेट प्रथम कुलदीप कंग, महासचिव राज कुमार, कोषाध्यक्ष शोभा गुलेरिया खंड गगरेट द्वितीय, प्रधान राजीव शर्मा, महासचिव प्रदीप कुमार, कोषाध्यक्ष संजय कुमार, खंड ऊना प्रधान सुभाष सैनी, महासचिव विजय शर्मा, कोषाध्यक्ष बिहारी लाल, खंड अंब प्रधान जगदेव जग्गी, महासचिव जगमोहन सिंह, कोषाध्यक्ष गुरदीप सिंह, खंड बंगाणा अशोक धीमान, महासचिव विजय पटियाल, कोषाध्यक्ष सतिंद्र मिन्हास आदि उपस्थित रहे।