ग्रामीण क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहे जरूरी पत्र
मुख्य डाकघर ऊना में लगे गांवों की डाक के ढेर, देशव्यापी हड़ताल का 14वां दिन
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
ग्रामीण डाक कर्मियों की देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने वाली डाक नहीं पहुंच पा रही है। इसके चलते स्कूल/कॉलेज केे छात्रों को रोल नंबर और नौकरी की तलाश में भटकने वाले बेरोजगार युवाओं को साक्षात्कार के पत्र तक नहीं बंट पा रहे हैं। ऊना मुख्य डाकघर में सोमवार को देशव्यापी हड़ताल का 14वां दिन था। हड़ताल पर बैठे ग्रामीण डाक कर्मियों पर डाक बांटने का दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ऊना मंडल के ज्यादातर ग्रामीण डाकघरों के बंद रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में डाक वितरण का काम ठप हो गया है। एसपीओ एवं आईपीओ यूनियन के सचिव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस देशव्यापी हड़ताल को समाप्त करवाने का अनुरोध किया है। उनके पत्र के मुताबिक ग्रामीण डाक सेवक डाक विभाग का एक अहम अंग है, इसके बिना डाक विभाग का काम खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी किस्म का काम नहीं हो सकता। लिहाजा, केंद्र सरकार एवं पोस्टल बोर्ड के उच्चाधिकारियों को अपना अहम त्यागकर देश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों की इस हड़ताल को समाप्त करवाना चाहिए। सोमवार को ऊना जिला के ज्यादातर ग्रामीण डाकघरों काम काज पूरी तरह से ठप रहा, और लोगों को पेन कार्ड, एटीएम कार्ड, नियुक्ति पत्र, साक्षात्कार संबंधी पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। आवर्ती जमा का काम ठप, बचत खाते नहीं खुल पा रहे हैं और अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीण डाक सेवकों के परिमंडलीय सचिव दाता राम चंदेल ने कहा कि 2006 से लेकर अब तक ग्रामीण डाक कर्मियों के वेतनमानों में संशोधन न कर केंद्र सरकार इस वर्ग का शोषण कर रही है। कहा कि देश भर के दो लाख 71 हजार ग्रामीण डाक कर्मियों का क्या कसूर है जो केंद्र सरकार दो साल से कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट को दबाए बैठी है। परिमंडीय सचिव दाता राम चंदेल दलजीत सिंह, गणेश कुमार, चंदन, अमित, सुरेंद्र कुमार, रामदास, वीरेंद्र शर्मा, शंकुतला देवी, अनिल कुमार, शिवकुमार, राकेश कुमार, शंभूनाथ, रामकुमार, रामपाल, जरनैल सिंह, मोहिंद्र सिंह, सुच्चा सिंह, हेमराज, सुनील दत्त, प्रमोद सिंह, रविकुमार,गौरव, वंदना कुमारी, रामदास, नरेश कुमार, सुमन समेत अनेक डाक कर्मियों ने सोमवार को पोस्टल बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की।