ऊना। प्रदेश में जेबीटी के विभिन्न पदों के लिए चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया हजारों जेबीटी अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बेरोजगार जेबीटी प्रशिक्षुओं ने काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव की मांग उठाई है। प्रशिक्षुओं सुरेश, अमन, सविता, पूजा, वंदना सहित अन्यों ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग जिलों में शिक्षा उपनिदेशक कार्यालयों में जेबीटी के 700 खाली पदों को भरने के लिए काउंसलिंग चल रही है। लेकिन विभाग ने यह प्रक्रिया बिना सोचे-समझे ही शुरू कर दी है। इसका खामियाजा हजारों अभ्यर्थियों को उठाना पड़ रहा है। अभ्यर्थी किसी भी जिले में होने वाली काउंसलिंग में सीधे तौर पर भाग ले सकता है, जिससे काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ रही हैेेेेे। यदि काउंसलिंग के लिए विभाग ऑनलाइन आवेदन मंगवाता तो मेरिट के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जा सकता था। आलम यह है कि एक ही अभ्यर्थी 10 जिलों में होने वाली काउंसलिंग में भाग ले रहा है, जिससे समस्या गंभीर बनती जा रही है। काउंसलिंग में भाग लेने वाले अभ्यार्थियों को भी प्रदेश के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में अभ्यर्थी भी असमंजस की स्थिति में फंस गए हैं। बेरोजगार जेबीटी प्रशिक्षुओं ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि जेबीटी की काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव किया जाए और राहत प्रदान की जाए।