करोड़ों की आमदनी पर एंबुलेंस चालक नहीं
चिंतपूर्णी मंदिर न्यास में अव्यवस्था का आलम
एंबुलेंस चलाने को तीन साल से ड्राइवर नहीं
श्रद्धालुओं को मंदिर तक मिलती थी मुफ्त सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
भरवाईं (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर न्यास मां के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के लिए लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन अगर इन सुविधाओं का श्रद्धालुओं को लाभ ही न मिल रहा है। चिंतपूर्णी मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक एंबुलेंस वाहन खरीदा था जो सुबह से शाम तक मुख्य पुलिस बैरियर पर मौजूद रहता था। इस एंबुलेंस से मां के दरबार आने वाले दिव्यांग, अक्षम, बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाया जाता था। न्यास की ओर से मां के भक्तों को यह सेवा निशुल्क दी जाती थी, लेकिन पिछले तीन सालों से न्यास की यह एंबुलेंस सुविधा बंद पड़ी हुई है। इससे मां के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंदिर प्रशासन की ओर से एंबुलेंस के बंद होने के कारण ड्राइवर का न मिल पाना बताया जाता है। लेकिन, हैरानगी की बात यह है कि हर वर्ष करोड़ों की आमदनी करने वाले मंदिर न्यास को क्या पिछले तीन सालों से एंबुलेंस वाहन सुविधा के लिए एक ड्राइवर तक नहीं मिल पाया? एंबुलेंस सुविधा न मिलने से कई श्रद्धालुओं को मजबूरन पैसे खर्च कर टैक्सी लेकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। उधर, स्थानीय दुकानदारों राजेश कालिया, विक्रांत, नरेश, गौतम, अजय कालिया आदि का कहना है कि अगर मंदिर न्यास श्रद्धालुओं के लिए लाखों खर्च कर सुविधाएं उपलब्ध करवाता है तो इन सुविधाओं का लाभ श्रद्धालुओं को मिलना भी चाहिए। उधर, मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस को चलाने वाला जो चालक है, वह ज्यादातर बीमार रहता है। इसलिए नया ड्राइवर रखने की प्रक्रिया चली हुई है। चैत्र नवरात्रों में अस्थायी तौर पर चालक रखकर यह सुविधा श्रद्धालुओं को मिल जाएगी। उधर, एसडीएम अंब सुनील वर्मा ने बताया कि चालक की पोस्ट खाली चली हुई है, इसको लेकर प्रस्ताव भी भेजा गया। शीघ्र लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।