भरवाईं/चिंतपूर्णी (ऊना)। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में अगर आपकी जेब कट जाए तो आप भगवान भरोसे हैं। ऐसी स्थिति में श्रद्धालु अगर अपनी जेब कटने की फुटेज की रिकॉर्डिंग देखना चाहे तो उसे यह देखने को नहीं मिल पाएगी और न ही मंदिर का कोई कर्मचारी इस मामले में कोई सहायता करेगा। क्योंकि कैमरों की रिकॉर्डिंग और फुटेज देखने वाला दफ्तर ज्यादातर बंद ही रहता है, जिसका कारण रिकॉर्डिंग चेक करने वाला कैमरा ऑपरेटर ही नहीं है। शनिवार को भी जब गगरेट निवासी दिनेश कुमार मंदिर माथा टेकने पहुंचे थे तो इस श्रद्धालु की मंदिर गर्भ गृह के पास जेब कट गई। जब श्रद्धालु को इस बारे में पता चला तो उसने इसकी शिकायत मंदिर के कंट्रोल रूम में की और कैमरे की फुटेज देखने की मांग की। लेकिन, प्रबंधन ने सीसीटीवी कैमरा ऑपरेटर न होने की दलील देते हुए उसे कैमरे की रिकॉर्डिंग नहीं दिखाई, जिस कारण उक्त श्रद्धालु वापस घर लौट गया। श्रद्धालु ने बताया कि उसके पर्स में 1500 सौ के करीब रुपये, लाइसेंस और जरूरी कागजात थे। दिनेश कुमार ने बताया कि इतने बड़े मंदिर में प्रशासन की ऐसी ढीली व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। जबकि, यहां मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। वहीं बताया जा रहा है कि कैमरों की रिकॉर्डिंग को चेक करने के लिए मंदिर न्यास ने जो प्राइवेट ऑपरेटर रखा है, उसे न्यास की तरफ से कोई सैलरी नहीं दी जाती है। इससे जेब कटने पर श्रद्धालुओं को यह समस्या पेश आ रही है। लेकिन, मंदिर प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। सूत्रों की मानें तो कुछ सीसीटीवी भी खराब होने के कारण चालू हालत में नहीं है। वहीं सीसीटीवी कैमरा ऑपरेटर रसिक खान का कहना था कि वह फिहलाल छुट्टी पर हैं मंदिर न्यास उन्हें इसकी कोई सैलरी नहीं देता है। जबकि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक करने का सारा जिम्मा उन पर ही है। उधर, इसके बारे में अंब एसडीएम बच्चन सिंह ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की चेकिंग के लिए प्राइवेट ऑपरेटर रखा हुआ है, जो छुट्टी पर है। इसकी पोस्ट खाली है जिसको भरने के लिए प्रोपोजल भेज दी गई है। मेलों के दौरान प्राइवेट ऑपरेटर को बुला लिया जाएगा जो कैमरे बंद या खराब पड़े हैं, उनको बदला जाएगा।