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टिकट नहीं नसीहत दे गया मुख्यमंत्री का दौरा

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शशिभूषण पुरोहित
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ऊना। सदर विधानसभा क्षेत्र समेत कुटलैहड़ में वर्षों से सत्ता का सूखा झेल रही कांग्रेस के नेता बड़ी उम्मीद से थे, लेकिन मुख्यमंत्री का दौरा उनके लिए टिकट के संकेत देने के बजाय नसीहत दे गया। मुख्यमंत्री का दो दिवसीय दौरा यूं तो विकास के मायने में ऊना के लिए कई शिलान्यासों और उद्घाटनों से गुलजार रहा, लेकिन सियासी जमीन पर टिकट के चाहवानों को निराश कर गया। यह अलग बात है कि टिकट के चाहवान दो दिन तक सीएम की परिक्रमा करते देखे गए और उनकी धुकधुकी भी बढ़ती रही। हर नेता ने अपने-अपने स्तर पर सीएम को प्रभावित करने की कोशिश की ताकि टिकट हासिल कर उनकी चुनावी मंशा को किनारा मिल सके। कार्यकर्ताओं में आम चर्चा रही कि मुख्यमंत्री टिकट को लेकर कोई न कोई संकेत जरूर देंगे। लेकिन सीएम ने अपने पत्ते न खोलते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट होने की सलाह जरूर दी। सीएम ने बीते रोज जहां कुटलैहड़ में कांग्रेस नेताओं को 27 वर्षों से हार के कारणों की पड़ताल के साथ भविष्य की गलतियों के प्रति आगाह किया वहीं सोमवार को मैहतपुर-बसदेहड़ा में अपने सियासी सफर से रूबरू कराया। गौर हो कि ऊना सदर समेत कुटलैहड़ विस में कांग्रेस की टिकट पाने को लेकर नेताओं में आपसी संघर्ष चरम पर है। अधिकांश टिकटार्थी जहां वीरभद्र सिंह गुट से संबधित हैं वहीं कुछेक भाजपा अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू समेत कबीना मंत्री जीएस बाली से भी जुड़े हैं। ऐसे में टिकट को लेकर दोनों विस क्षेत्रों में सियासी समीकरण उलझे हुए हैं। यह गौर करने वाली बात है कि कुटलैहड़ में जहां कांग्रेस पिछले 27 वर्षों से सत्ता का सूरज नहीं देख पाई है वहीं, ऊना सदर में पिछले पंद्रह वर्षों से भाजपा काबिज है। ऐसे में दोनों क्षेत्रों में क्रमश: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती और वरिष्ठ विधायक वीरेंद्र कंवर को टक्कर देेने के लिए मजबूत प्रत्याशी कांग्रेस को देना होगा। चुनावी आहट के साथ ही यह तस्वीर भी जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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